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रामगढ़, 05 जून (हि.स.)। रामगढ़ बोकारो मुख्य मार्ग पर मछली गाड़ी को लेकर विवादों में आई गोला पुलिस की भूमिका पर कई सवाल उठे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस मामले में संज्ञान लिया और एसपी रामगढ़ को जांच करने के निर्देश दिए। रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने तत्काल इस मामले पर रामगढ़ एसडीपीओ आलोक रंजन को जांच का जिम्मा सौंपा। जांच रिपोर्ट के बाद होमगार्ड जवान अजय करमाली पर कार्रवाई होने की संभावना है।
गोला थाना पुलिस की ओर से 04 मई को गोला- बोकारो मुख्य मार्ग पर जांच अभियान चलाया गया था। गाड़ियों की जांच के दौरान एक गाड़ी जिस पर मछली के अंडे मौजूद थे, उसकी भी जांच हुई। इस दौरान एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें यह कहा गया कि जांच के नाम पर पुलिस ने 02 घंटे तक गाड़ी को रोक के रखा। इसकी वजह से व्यवसाई को भारी नुकसान हुआ। लेकिन जांच के दौरान यह पूरा आरोप निराधार पाया गया। जिस गाड़ी को जांच के दौरान गोला थाना पुलिस की ओर से रोका गया था, उसकी तस्वीर भी वहां खींची गई थी। लेकिन ठीक 09 मिनट के बाद ही वही गाड़ी 02 किलोमीटर दूर एक सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई। इसका मतलब साफ था कि मछली गाड़ी के चालक ने जो पुलिस पर आरोप लगाया था वह बिल्कुल निराधार था।
इस दौरान मछली गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर ने पुलिस के द्वारा थप्पड़ मारने और पैसे मांगने का भी आरोप लगाया था। उसकी ओर से एक होमगार्ड जवान अजय करमाली पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया गया था। दूसरी बात पैसे मांगने को लेकर थी, जिसे लेकर जांच में कोई स्पष्ट सबूत पेश नहीं किए गए हैं। हालांकि जांच अधिकारी ने इस बात से भी इनकार नहीं किया है कि ऐसा नहीं हो सकता है।
एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी। संभावना है कि होमगार्ड जवान अजय करमाली पर गाज गिर सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश