Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

मुंबई, 29 जून (हि.स.)। महाराष्ट्र के पुणे जिले के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्या मामले में सोमवार को पुणे की विशेष अदालत ने आरोपित सिया गोयल और चेतन चौधरी को तीन जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इन दोनों की आज पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद अदालत में पेश किया गया था।
इस मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस पक्ष की ओर से अदालत में आरोपित सिया और चेतन की पुलिस कस्टडी सात दिन बढ़ाने की आग्रह किया गया। पुलिस ने आज अदालत से कहा कि वे जांच करना चाहते हैं कि क्या इन दोनों आरोपितों ने साजिश रची थी। वे दोनों के मोबाइल फोन से डिलीट किया गया डेटा रिकवर करना चाहते हैं। वे आरोपितों से वेरिफिकेशन करना चाहते हैं। क्या उन्होंने लोहागढ़ में दूसरे लोगों से बातचीत की थी, वे इसकी जांच करना चाहते हैं?
अब तक की जांच में यह पाया गया है कि यह घटना एक साजिश थी। क्या उन्होंने क्राइम करने की प्रैक्टिस की थी? इसकी जानकारी मिलनी चाहिए। साजिश कहाँ हुई? सिया की तरह, वे चेतन को मनोरंजन के लिए ले जाना चाहते हैं। वे प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली नहीं जाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने अपने पासपोर्ट फाड़ दिए, वे केतन के पासपोर्ट ढूंढना चाहते हैं। क्या वे लोहागढ़ गए और रेकी की? इसकी जांच होनी चाहिए। क्या इस साजिश में कोई और शामिल है? इसलिए, पुलिस ने तर्क दिया कि दोनों को सात दिन की पुलिस कस्टडी दी जानी चाहिए।
सिया के वकील विपुल दुशिंग ने इसका कड़ा विरोध किया। टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन, पूछताछ को ड्रामा बना दिया गया है। अब आगे की इन्वेस्टिगेशन टेक्निकल है, तो कस्टडी की ज़रूरत नहीं है। पंकज बंसल का जजमेंट है। इंडिया में नॉन-बेलेबल अपराधों के लिए आपको अरेस्ट नहीं किया जाना चाहिए, ऐसा नहीं चलता। लेकिन अदालत ने दोनों आरोपितों को तीन जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है।
उल्लेखनीय है कि पुणे के एक जाने-माने उद्योगपति के बेटे केतन अग्रवाल अपने मंगेतर के साथ 18 जून को लोहगढ़ किले में ट्रैकिंग के लिए गए थे। इसी दौरान फोटो खिंचवाते समय केतन अग्रवाल का पैर फिसल गया और वह गहरी खाई में गिर गया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद दूसरे दिन उसका शव खाई से निकाला गया, लेकिन इस घटना में केतन की मौत हो गई थी। उस समय इस मामले को एक्सीडेंटल माना गया था। लेकिन बाद में इस मामले की गुत्थी सुलझी और लोनावला ग्रामीण पुलिस की जांच में ऐसे सबूत मिले, जिनसे पता चला कि यह घटना जानबूझकर रची गई थी। इसके बाद २३ जून को पुलिस ने इस मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया था।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव