बयाना विधायक रितु बनावत के खिलाफ चुनाव याचिका खारिज, मुकदमे से बचने की कोशिश करने पर एमएलए को देना होगा एक लाख रुपए का हर्जाना
जयपुर, 29 जून (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने बयाना विधायक रितु बनावत के निर्वाचन को चुनौती देते हुए दायर चुनाव याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस सुदेश बंसल की एकलपीठ ने यह आदेश पराजित प्रत्याशी पुरुषोत्तम लाल की ओर से दायर चुनाव याचिका पर दिए। इसके
हाईकाेर्ट


जयपुर, 29 जून (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने बयाना विधायक रितु बनावत के निर्वाचन को चुनौती देते हुए दायर चुनाव याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस सुदेश बंसल की एकलपीठ ने यह आदेश पराजित प्रत्याशी पुरुषोत्तम लाल की ओर से दायर चुनाव याचिका पर दिए। इसके साथ की अदालत ने रितु बनावत पर कोर्ट समन से बचने की कोशिश करने पर एक लाख रुपए का हर्जाना लगाया है। अदालत ने कहा कि प्रतिवादी रितु बनावत ने जानबूझकर और सोच समझकर कई तरह के हथकंडे अपनाए, ताकि वह कोर्ट में उपस्थिति से बच सके। जिसके चलते कोर्ट को समन तामील के लिए अलग तरीका अपनाना पड़ा और विधानसभा सचिव के जरिए समन तामील कराने पडे। इसके साथ ही अदालत ने माना कि याचिका में लगाए गए आरोप चुनाव निरस्त करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता और रितु बनावत ने विधानसभा चुनाव-2023 में नामांकन भरा था। चुनाव में याचिकाकर्ता को 689 मत मिले और बानावत को एक लाख से अधिक वोट मिलने के कारण विजयी घोषित किया गया। याचिका में कहा गया कि नामांकन के दौरान बनावत ने अपनी संपत्तियों और दायित्वों की पूरी और सही जानकारी नहीं दी, जो भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है। इसलिए बनावत का नामांकन रद्द कर किया जाए। जिसका विरोध करते हुए बनावत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आरएन माथुर ने कहा कि उनकी ओर से मूल सूचनाएं सही तरीके से दे दी थी। इसके अलावा चुनाव खर्च के लिए खोले गए बैंक खाते की जानकारी देना बाध्यकारी नहीं था। वहीं गृहणी के तौर पर भी कृषि आय की जा सकती है। ऐसे में याचिका को खारिज किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए विधायक बनावत पर समन से बचने के लिए हथकंडे अपनाने पर एक लाख रुपए का हर्जाना लगाया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक