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मंदसौर, 29 जून (हि.स.)। हाथ की लिखावट (हैंडराइटिंग) और हस्ताक्षर व्यक्ति के व्यक्तित्व से जुड़े कई पहलुओं को उजागर कर सकते हैं। इसी विषय पर जानकारी देने के लिए वडोदरा के प्रसिद्ध हस्तलेखन विशेषज्ञ अनिल बंसल सोमवार को मध्य प्रदेश के मंदसौर पहुंचे, जहां उन्होंने पत्रकार वार्ता के माध्यम से हस्तलेखन विश्लेषण (ग्राफोलॉजी) से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
हस्तलेखन विश्लेषण के क्षेत्र में पहचान रखने वाले अनिल बंसल ने बताया कि लिखावट केवल शब्दों को व्यक्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के स्वभाव, सोच और व्यवहार से जुड़े संकेत भी देती है। उन्होंने कहा कि हमारी लिखावट में समय के साथ होने वाले बदलावों से शरीर और मन में होने वाले परिवर्तनों के संकेत भी मिल सकते हैं। उन्होंने बताया कि ग्राफोलॉजी पर अब तक अधिकतर शोध अंग्रेजी भाषा में हुए हैं, जबकि हिंदी हस्तलेखन के क्षेत्र में अभी और शोध की आवश्यकता है।
हस्ताक्षर के संबंध में उन्होंने कहा कि सिग्नेचर हमेशा स्पष्ट और व्यवस्थित होना चाहिए। अक्षर कटे-फटे नहीं होने चाहिए तथा हस्ताक्षर का पहला अक्षर बड़ा और प्रभावशाली होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हस्ताक्षर व्यक्ति की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, इसलिए इसे सोच-समझकर बनाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान अनिल बंसल ने उपस्थित पत्रकारों का हस्तलेखन भी देखा और उनकी लिखावट के आधार पर उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने हस्तलेखन को आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक माध्यम बताया।
हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया