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जयपुर, 29 जून (हि.स.)। अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-2, महानगर द्वितीय ने री-नीट परीक्षा, 2026 के दौरान परीक्षा कक्ष में मोबाइल छिपाकर ले जाने और नकल का प्रयास करने के आरोप में न्यायिक अभिरक्षा में चल रही छात्रा को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने यह आदेश आरोपी छात्रा की जमानत अर्जी को मंजूर करते हुए दिए।
जमानत अर्जी में अधिवक्ता एमके शर्मा ने कहा कि आरोपी छात्रा नवयुवती है और उसे मामले की गंभीरता की जानकारी नहीं थी। इसके अलावा उसके कब्जे से प्रश्न पत्र से जुडी किसी तरह की सामग्री नहीं मिली है। उससे पूछताछ भी पूरी हो चुकी है। ऐसे में उसके भविष्य को देखते हुए उसे आगे न्यायिक अभिरक्षा में नहीं रखा जाए। जिसका विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोपी अपने अन्त:वस्त्र में मोबाइल छिपाकर लाई थी और परीक्षा में पूछे गए सवालों को एआई के जरिए हल करने के फिराक में थी। ऐसे में मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे जमानत नहीं दी जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपी छात्रा को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि इस संबंध में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बिंदायका की केन्द्र अधीक्षक ने 21 जून को बिंदायका पुलिस थाने में लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण अधिनियम, 2024 की धारा-3 व 10(2), बीएनएस की धारा-318(4) तथा आईटी एक्ट की धारा-66 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि री-नीट परीक्षा के दौरान वीक्षकों ने छात्रा को परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया। रिपोर्ट में मोबाइल से प्रश्न पत्र की फोटो लेने एवं एआई के जरिए प्रश्नों के उत्तर प्राप्त करने का प्रयास करने के आरोप लगाए गए है। जबकि एनटीए की ओर से परीक्षा में फोन लाना, रखना एवं उपयोग में लेना प्रतिबंधित था।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक