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जींद, 29 जून (हि.स.)। उमस भरी गर्मी और तपिश से आमजन पूरी तरह से परेशान है। दोपहर तक गर्मी लोगों की हालत खस्ता कर देती है। जिसके चलते सड़कों पर वाहन कम हो जाते हैं और बाजार भी सुनसान नजर आते हैं। गर्म हवा चलने के कारण लोगों को गर्मी ज्यादा महसूस होती है और पसीने सूखने का नाम नही लेते। गर्म हवाओं की चपेट में आने से छोटे बच्चे तथा वृद्ध बीमार पड़ रहे हैं। जिससे अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
जिले में सोमवार का तेज धूप और गर्म पश्चिमी हवाओं ने लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया। वहीं धान रोपाई का कार्य भी जोरो पर है। अगर बारिश होती है तो यह सोने पर सुहागा होगी। सोमवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री व न्यूनतम तापमान 32 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि हवा की गति 11 किलोमीटर प्रति घंटा व मौसम में आद्रता 35 प्रतिशत रही। सुबह से ही सूरज के तेवर तीखे रहे। दोपहर होते-होते लू जैसे हालात बन गए। इस मौसम का अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। पंखे और कूलरों के सामने भी चैन नहीं मिल रहा था।
गर्मी के कारण सड़कों और बाजारों में लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई। गर्मी का असर पार्कों और खुले स्थानों में लगे पौधों पर भी दिखाई दिया। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण पौधों के पत्ते मुरझा गएए जबकि दोपहर के समय पार्क भी लगभग सूने रहे। अस्पतालों में भी गर्मी से संबंधित समस्याओं जैसे सिरदर्द, चक्कर, कमजोरी और डिहाइड्रेशन की शिकायत संबंधित मरीज पहुंचे। पांडू पिंडारा मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डा. राजेश ने बताया कि मंगलवार से मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं दो जुलाई को तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई जा रही है। पश्चिमी दिशा से चल रही शुष्क और गर्म हवाओं के कारण तापमान में बढ़ोतरी हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा