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लखीमपुर खीरी, 29 जून (हि.स.)। करीब 09 साल पुराने एक खौफनाक हत्याकांड में साेमवार काे अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम एवं अपर जिला सत्र न्यायाधीश (कोर्ट नंबर 12) वीरेंद्र नाथ पांडे की अदालत ने युवक की बेरहमी से हत्या करने के मामले में दो सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर कुल 52,000 रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष विशेष लोक अभियोजक अधिवक्ता बृजेश कुमार पांडे ने बताया कि बेहद मजबूत पैरवी के चलते आरोपियों को उनके गुनाह की सख्त सजा मिली।
मामला थाना कोतवाली सदर क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, 21 नवंबर 2017 की शाम करीब 6:30 बजे वादी मुकदमा का पुत्र धीरज उर्फ छोटू अपने घर लौट रहा था। तभी हनुमान मंदिर के पास घात लगाए बैठे आरोपित भारत और चुना (पुत्रगण श्यामलाल, निवासी हरिजन बस्ती, गोला रोड) और उनके साथी विवेक ने धीरज पर बांके व अन्य धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना बर्बर था कि मृतक के शरीर पर 33 गंभीर चोटों के निशान पाए गए थे, जिसके कारण उसने दम तोड़ दिया। बीच-बचाव करने आए परिजनों को भी जान से मारने की धमकी दी गई थी।
वैज्ञानिक और दस्तावेजी साक्ष्यों ने दिलाई सजा
विचारण (ट्रायल) के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने कुल 09 चश्मदीद व अन्य गवाह पेश किए गए। केस को मजबूत करने के लिए 20 महत्वपूर्ण दस्तावेज भी प्रदर्शित किए गए। हत्या में इस्तेमाल किया गया मुख्य हथियार (बांका) और डिजिटल साक्ष्य के रूप में एक पेन ड्राइव कोर्ट में पेश की गई। अदालत ने सभी गवाहों के बयानों और वैज्ञानिक साक्ष्यों को सही पाते हुए अभियुक्त भारत और चुना को धारा 302 (हत्या), 504 और 506 आईपीसी के तहत दोषसिद्ध पाया और उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / देवनन्दन श्रीवास्तव