Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

जयपुर, 29 जून (हि.स.)। अतिरिक्त जिला न्यायालय क्रम-10 महानगर प्रथम ने हाउसिंग बोर्ड की अवाप्त जमीन के मामले में लूनियावास गृह निर्माण सहकारी समिति का दावा खारिज कर दिया है।
अदालत ने कहा कि दावाकर्ता सहकारी समिति ने दावे में तथ्यों को छिपाया है और वह इस मामले में इंस्ट्रस्टेड व्यक्ति के तौर पर नहीं है। वहीं दावाकर्ता सोसायटी ने यह भी नहीं बताया है कि प्रतिवादी हाउसिंग बोर्ड की ओर से किस तरह सोसायटी की सृजित योजना के लोगों को बेकब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। दावाकर्ता ने इस दावे को चतुराई पूर्वक कोर्ट के क्षेत्राधिकार में लाने का प्रयास किया है और तथ्यों को छिपाया है जो गलत है। हाउसिंग बोर्ड के अधिवक्ता भागचंद भारद्वाज ने बताया कि सोसायटी ने अपने दावे में बोर्ड की अवाप्त शुदा जमीन पर निठारवाल सिटी आवासीय योजना के लोगों को बेकब्जा करने की कार्रवाई पर राहत मांगी थी, लेकिन उसने ऐसा कोई भी दस्तावेज पेश नहीं किया, जिसमें अवाप्तशुदा जमीन पर सोसायटी का हित साबित हो। दरअसल नगरीय विकास एवं आवासन विभाग ने सार्वजनिक हित के तौर पर रेनवाल-फागी की कुल 315 बीघा भूमि को अवाप्त कर साल 2011 में भूमि का अवार्ड पारित कर खातेदारों को मुआवजा तय कर दिया था।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / पारीक