अति पर्यटन कहीं चौपट न कर दे पर्यटन उद्योग को
प्रयाग पाण्डे भारतीय संस्कृति में अतिथि को बहुत महत्व दिया गया है। भारत की संस्कृति का प्राचीन सिद्धांत है- अतिथि देवो भवः। इस कथन में अतिथि को देवताओं के तुल्य माना गया है। आधुनिक पर्यटन के वर्तमान दौर में अनियंत्रित, अनियोजित एवं असंयोजित अति

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