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-बरसात से पूर्व हैंडपंपों की मरम्मत, अमृत सरोवरों, जल जीवन मिशन, डिजिटल लाइब्रेरी एवं स्वच्छता योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश
लखनऊ, 28 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के पंचायतीराज, अल्पसंख्यक कल्याण एवं मुस्लिम वक्फ मंत्री ओमप्रकाश राजभर की अध्यक्षता में रविवार काे मुख्य भवन (सचिवालय) के कक्ष संख्या-62A में पंचायतीराज विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश की ग्राम पंचायतों में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं एवं केंद्र एवं राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रदेश की 57 हजार 694 ग्राम पंचायतों में स्थापित हैंडपंपों की वर्तमान स्थिति, खराब एवं बालूयुक्त हैंडपंपों की संख्या, अमृत सरोवरों के निर्माण एवं उनमें जलभराव की स्थिति, छोटे-बड़े तालाबों के जीर्णोद्धार, ग्रामीण क्षेत्रों के भूजल स्तर, जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित ओवरहेड पेयजल टंकियों, पाइपलाइन विस्तार, सड़कों की मरम्मत, सामुदायिक एवं व्यक्तिगत शौचालयों की उपलब्धता तथा भारत सरकार के सहयोग से संचालित विभिन्न योजनाओं के उपयोगिता प्रमाणपत्रों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मंत्री राजभर ने निर्देश दिए कि बरसात के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए सभी खराब हैंडपंपों की प्राथमिकता के आधार पर तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता प्रभावित न हो। उन्होंने अमृत सरोवरों के निर्माण, उनमें जलभराव तथा पंचायतों को हस्तांतरण (हैंडओवर) की अद्यतन जनपदवार सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जल जीवन मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्मित पेयजल टंकियों, संचालित परियोजनाओं तथा पंचायतों को हस्तांतरित परिसंपत्तियों की समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण सड़कों एवं मार्गों की मरम्मत को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर विशेष बल दिया गया।
मंत्री ने सामुदायिक शौचालयों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, सफाई कर्मियों के मानदेय का समय से भुगतान सुनिश्चित करने तथा व्यक्तिगत शौचालयों के लंबित एवं निरस्त आवेदनों का प्रभावी एवं पारदर्शी निस्तारण करने के निर्देश दिए। बैठक में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) की स्थापना, सभी हैंडपंपों की जियो-टैगिंग एवं जल गुणवत्ता परीक्षण, ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापना, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों के व्यापक संचालन, ग्राम सचिवालयों में आधार सेवा केंद्रों की स्थापना तथा परिवार रजिस्टर के डिजिटलीकरण की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने इन सभी योजनाओं के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा पंचायतों में संचालित सभी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुँचना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी, बारात घर एवं उत्सव भवनों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा विगत बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की अद्यतन स्थिति भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव पंचायतीराज अनिल कुमार, निदेशक पंचायतीराज अमित सिंह, विशेष सचिव पंचायतीराज राजेश त्यागी, निदेशक स्वच्छ भारत मिशन गुंजन द्विवेदी, सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह