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काठमांडू, 28 जून (हि.स.)। नेपाल के मुख्य विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों ने रविवार को प्रधानमंत्री बलेन्द्र शाह से देश की सीमाओं पर दिए गए हालिया बयान के संबंध में संसद में स्पष्टीकरण देने की मांग की।
प्रतिनिधि सभा की बैठक शुरू होते ही विपक्षी सांसद अपनी सीटों से खड़े हो गए, जिसके बाद सभामुख डोल प्रसाद अर्याल ने उन्हें अपनी बात रखने की अनुमति दी।नेपाली कांग्रेस की ओर से बोलते हुए सांसद रेनुका कौंचा ने प्रधानमंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि जिन मुद्दों को संसद में उठाया जाना चाहिए था, उन्हें पार्टी के महाधिवेशन में उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संसद को नजरअंदाज करना उसकी गरिमा को कमजोर करता है।
सीपीएन-यूएमएल के सांसद डॉ. पुष्पराज कंडेल ने भी प्रधानमंत्री से संसद में उपस्थित होकर देश की सीमाओं पर दिए गए बयान को स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही उन्होंने यूएमएल उपाध्यक्ष बिष्णु प्रसाद पौडेल की गिरफ्तारी में सरकार पर राजनीतिक पूर्वाग्रह से काम करने का आरोप लगाया।
नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के युवराज दुलाल ने कहा कि सरकार को संघीय लोकतान्त्रिक गणतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए। उन्होंने सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी द्वारा प्रदेश सभाओं को समाप्त करने और संघीय व्यवस्था में पुनर्संरचना के प्रस्ताव का भी विरोध किया।
इसी तरह श्रम संस्कृति पार्टी के अरेन राई ने राष्ट्रीय संप्रभुता और भौगोलिक अखंडता से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टीकरण देने के लिए प्रधानमंत्री से सदन में उपस्थित होने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास