एसपी के आदेश के बाद भी सिपाही नहीं छोड़ रहे थाने, 100 से ज्यादा आरक्षियों की आमद बाकी
कानपुर देहात, 27 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद में पुलिस विभाग में तबादला आदेशों के पालन को लेकर बड़ा सवाल उठ रहा है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) के स्पष्ट आदेश के बावजूद बड़ी संख्या में आरक्षियों ने अब तक अपने पुराने थाने और चौकियां नहीं
पुलिस ऑफिस


कानपुर देहात, 27 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद में पुलिस विभाग में तबादला आदेशों के पालन को लेकर बड़ा सवाल उठ रहा है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) के स्पष्ट आदेश के बावजूद बड़ी संख्या में आरक्षियों ने अब तक अपने पुराने थाने और चौकियां नहीं छोड़ी हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रिजर्व पुलिस लाइन ने दोबारा पत्र जारी कर सभी संबंधित आरक्षियों की तत्काल आमद दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, एसपी के आदेश पर 19 जून को वर्ष 2020 बैच के 114 आरक्षियों को छह माह के लिए रिजर्व पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया था। आदेश में सभी आरक्षियों को अपने-अपने थानों और चौकियों से कार्यमुक्त होकर पुलिस लाइन में आमद दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे।

हालांकि आदेश जारी होने के कई दिन बाद भी केवल 12 से 16 आरक्षियों ने ही पुलिस लाइन में आमद दर्ज कराई है, जबकि करीब 100 आरक्षी अभी भी पुराने थानों और चौकियों में कार्यरत हैं। स्थिति को देखते हुए रिजर्व इंस्पेक्टर, पुलिस लाइन ने संबंधित थाना प्रभारियों और शाखाओं को पत्र भेजकर तत्काल आमद सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक, कई आरक्षी अपनी पसंदीदा तैनाती छोड़ना नहीं चाहते। वहीं, यह भी सामने आया है कि कुछ सिपाही पिछले लगभग पांच वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात हैं। ऐसे में तबादला आदेशों का पालन न करना विभागीय अनुशासन पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।

इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद ने शनिवार को कहा कि जिन आरक्षियों ने अभी तक आमद दर्ज नहीं कराई है, वे जल्द ही ऐसा करेंगे। उन्होंने बताया कि कुछ आरक्षी थानों में कंप्यूटर कक्ष और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों का दायित्व संभाल रहे हैं, जिसके चलते स्थानांतरण की प्रक्रिया में कुछ समय लग रहा है।

फिलहाल पुलिस विभाग की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आदेश का पालन न करने वाले आरक्षियों के खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई की जाएगी या नहीं। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस महकमे में चर्चाओं का दौर तेज है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अवनीश अवस्थी