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काजीरंगा (असम), 27 जून (हि.स.)। इस वर्ष की पहली बाढ़ ने काजीरंगा नेशनल पार्क को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। ब्रह्मपुत्र नदी के बढ़ते जलस्तर के चलते नदी का पानी उद्यान में प्रवेश कर गया है, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा और संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ब्रह्मपुत्र से जुड़े प्राकृतिक नालों के माध्यम से आया बाढ़ का पानी उद्यान के बीलों (झील) और अन्य जलाशयों में भर गया है। जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण आने वाले समय में बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
संभावित आपदा से निपटने के लिए उद्यान प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उद्यान के डीएफओ अरुण विग्नेश ने बताया कि वन शिविरों, हाथी नौकाओं, सैनिटाइजेशन व्यवस्था तथा स्वास्थ्य शिविरों की तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं।
उन्होंने बताया कि आवश्यक स्थानों पर बैरिकेड तैयार रखे गए हैं। साथ ही वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए छह स्थानों पर लगाए गए सेंसर कैमरों को भी सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा और त्वरित बचाव के लिए सभी आवश्यक इंतजाम कर लिए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश