Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

अररिया,25 जून(हि.स.)।
कहते हैं हौसलों से नई उड़ान उड़ी जाती है और हौसलों के साथ संघर्ष और सरकारी सहायता मिल जाय तो नजीर स्थापित किया जा सकता है।इसे सिद्ध कर दिखाया अररिया के मो.साबिर ने।
साबिर एक कुशल बढ़ई एवं लकड़ी फर्नीचर निर्माता हैं।उन्होंने मैट्रिक तक शिक्षा प्राप्त की और कई वर्षों से फर्नीचर निर्माण कार्य से जुड़े रहे। उनके पास इस क्षेत्र का अच्छा अनुभव और तकनीकी कौशल था, लेकिन पर्याप्त पूंजी के अभाव में वे अपने व्यवसाय को इच्छानुसार आगे नहीं बढ़ा पा रहे थे।
वर्ष 2025 में उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इस योजना के माध्यम से उन्हें कुल 28 लाख 50 हजार रुपये की सहायता मिली, जिसमें 4 लाख 75 हजार रुपये अनुदान के रूप में प्राप्त हुए। प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने आधुनिक मशीनरी खरीदने तथा व्यवसाय के लिए आवश्यक कच्चे माल की व्यवस्था करने में किया।
सहायता राशि से मो. साबिर ने अत्याधुनिक सीएनसी राउटर मशीन स्थापित की। इस मशीन की मदद से वे ग्राहकों की मांग के अनुसार विभिन्न प्रकार के आकर्षक एवं आधुनिक डिज़ाइन वाले फर्नीचर तैयार करने लगे। इससे उनके उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
आज उनकी इकाई जूसी फर्नीचर में कुशल कारीगरों द्वारा लकड़ी फर्नीचर निर्माण से संबंधित सभी कार्य किए जाते हैं। उनके द्वारा निर्मित उत्पाद न केवल आसपास के गांवों, प्रखंडों और जिले में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी बेचे जा रहे हैं। व्यवसाय के विस्तार के साथ उन्होंने लगभग 15 लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है।
मो. साबिर अपनी सफलता का श्रेय भारत सरकार, उद्योग विभाग तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम को देते हैं। उनका मानना है कि यदि उन्हें यह वित्तीय सहायता नहीं मिलती, तो आधुनिक मशीनरी स्थापित करना और व्यवसाय का विस्तार करना संभव नहीं हो पाता।
यह कहानी दर्शाती है कि सही समय पर मिली सरकारी सहायता, मेहनत और कौशल के साथ मिलकर किसी भी उद्यमी को आत्मनिर्भरता एवं सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर