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जोधपुर, 25 जून (हि.स.)। पैगम्बर हजरत मोहम्मद सअव के नवासे हजरत इमाम हसन-हुसैन सहित करबला के शहीदों की याद में मातमी पर्व मोहर्रम शुक्रवार को अकीदत व एहतराम के साथ मनाया जाएगा। शहर के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में मोहर्रम के धार्मिक आयोजनों के तहत आस्था के प्रतीक ताजिए खड़े किए गए है। आज रात शाम-ए-गरीबां (कत्ल की रात) भी मनाई जाएगी।
जंगे कर्बला में हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत के गम में मनाए जाने वाले मोहर्रम में बस एक दिन और बचा है। इससे पहले आज शाम ए गरीबा कत्ल की रात शहादत इमाम हुसैन की याद मे मनाई जाएगी जिसमें मोती चौक, लखारा बाजार, उम्मेद चौक, गोलनाडी, गुलजारपुरा, खांडा फलसा, नियारियों का मोहल्ला, इस्हाकिया स्कूल, शाहों का बास, मसूरिया, खेतानाडी और सूरसागर कबीर नगर आदि क्षेत्रों में मोहर्रम ताजिए अपने-अपने निर्धारित स्थानों पर खड़े किए जाएंगे।
शहर में पिछले साल की तरह इस बार भी 27 ताजिये खड़े किए जाएंगे। सबसे ऊंचा 32 फीट का ताजिया लायकान मोहल्ले का है। शाम ए गरीबा की रस्म जोधपुर के तमाम मोहर्रम के लाइसेंसदारों की ओर से अदा की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि शहीदें करबला के तमाम शहीदो की याद मे चांद की 9 व 10 तारीख को रोजा रख कर उन्हें याद किया जाता है। उनके हक मे दुआएं ए मगफिरत की जाती है। जगह-जगह लंगर ए हुसैनी में हलीम, दलिया चावल, खीर, शर्बत तकसीम किया जाता है। जोधपुर में ताजियों का जुलूस नहीं निकलता। यहां ताजिये एक ही स्थान पर खड़े रहते है और फिर उन्हें करबला में दफना दिया जाता है।
ताजियों को बड़ी ही खूबसूरती के साथ सजाया गया है। कल ताजियों पर शीनी चढ़ाने, मन्नत मांगने का सिलसिला शुरू होगा। घरों में भी हलीम व शरबत बनाकर बांटा जाएगा। जिन स्थानों पर तजिये खड़े किए जा रहे है वहां भी शरबत की छबीले लगेगी। हलीम बनाकर शीनी प्रसादी के रूप में बांटा जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश