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जोधपुर, 25 जून (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि हर तरफ़ अफरातफरी मची है। जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है, वहां अव्यवस्था फैली हुई है। हालात बहुत गंभीर हैं। एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं, जिनमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम भी आया है, और उनके पास इसका कोई जवाब नहीं है। राजस्थान के लोग भी नाखुश हैं। स्थिति बहुत खराब है। गहलोत ने गुरुवार को जोधपुर से दिल्ली रवाना होने से पहले किरोड़ी लाल मीणा से लेकर एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव पर जमकर प्रहार किया।
गहलोत ने कहा कि स्थिति बहुत खराब है। मुख्यमंत्री को हालात समझने चाहिए और उन्हें ठीक करने की कोशिश करनी चाहिए। स्थिति उनके हाथों से निकलती जा रही है। उन्होंने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी उद्घाटन पर बेइज्जती नहीं हो, इसके लिए सीएम को पहले जाना चाहिए।
गहलोत ने कहा कि राजनीति में झूठे आरोप नहीं लगाए जाते हैं। किरोड़ी मीणा अनर्गल बयानबाजी करते हैं। सरकार में नहीं थे, तब कई खुलासे करने का दावा किया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अलग तरह का प्राणी हैं वो, अनावश्यक पर्टी के अध्यक्ष पर आरोप लगाए। गहलोत ने आरोप लगाया कि वो खुद छापे डाल रहे हैं, लेकिन उनके साथ जाने वाले वसूली कर रहे हैं। उनको ऐसे बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। डीजी भले आदमी हैं, लेकिन वह सीएमओ के दबाव में काम करते हैं। उनके नीचे काम करने वाले अधिकारी भी इनकी बात नहीं मानते हैं।
उन्होंने बड़ा आरोप लगाया कि एसीबी का इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर कहता है कि मामला नहीं बनता, लेकिन सरकार का दबाव होता है कि गिरफ्तारी करो। महेश जोशी का भी मामला ऐसा ही है। जिस मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया, उसी में एसीबी ने कर लिया, जबकि इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर ने मना किया था। क्या यह सीएम को दिखता नहीं है? आरएसएस के दबाव के आगे सीएम चुप हो जाते हैं। राज आरएसएस कर रहा है। जनता सब देख रही है। सरकार बदल कर रहेगी।
पीएम का स्वागत करेंगे, इस बार बदनामी नहीं चाहिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 4 जुलाई को रिफाइनरी का उद्घाटन करने की घोषणा पर गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री और चीफ सेक्रेटरी को दो-तीन दिन पहले वहां जाकर बैठना चाहिए। बार-बार ट्रायल करना चाहिए, क्योंकि पिछली बार हमारी बेइज्जती हो गई थी। यह रिफाइनरी हमने स्वीकृत करवाई थी। पांच साल तक उन्होंने काम रोके रखा था। इसके चलते 37 हजार करोड़ की रिफाइनरी आज 80 हजार करोड़ की हो गई। इसका जवाब पीएम को देना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश