Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

नाहन, 24 जून (हि.स.)। हिमाचल पथ परिवहन निगम के चालक और परिचालक संगठनों द्वारा आज रात 12:00 बजे से घोषित की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल और ‘चक्का जाम’ के आह्वान के बीच सरकार और निगम प्रबंधन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जनता को असुविधा से बचाने और परिवहन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए निगम ने वैकल्पिक इंतजाम के तहत युद्ध स्तर पर चालकों की अस्थाई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी कड़ी में आज नाहन में क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय के बाहर सुबह से ही भर्ती देने के लिए बेरोजगार युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
परिवहन निगम के सिरमौर जिला के क्षेत्रीय प्रबंधक रामदयाल ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिला में चालकों के कुल 25 पदों को भरा जाना है। इसके लिए जैसे ही वॉक-इन-इंटरव्यू और ड्राइविंग टेस्ट की प्रक्रिया शुरू की गई, उम्मीद से कहीं अधिक संख्या में युवा कार्यालय पहुंचे। दोपहर तक सिरमौर जिला से 450 से भी अधिक भारी वाहन चालक लाइसेंस धारक अभ्यर्थियों ने इस भर्ती प्रक्रिया में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपना आवेदन जमा करवाया।
प्रबंधन की ओर से भर्ती नियमों को साफ करते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि सरकार और उच्च प्रबंधन द्वारा जारी नवीनतम गाइडलाइंस के मुताबिक, इन पदों पर चयनित होने वाले चालकों को ₹1,500 प्रतिदिन की दर से फिक्स मानदेय (वेतन) दिया जाएगा। इसके साथ ही, भर्ती प्रक्रिया के दौरान चालकों को दैनिक भत्ते के रूप में ₹750 की राशि भी दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और निगम के वर्तमान निर्णय और नीति के अनुसार, यह भर्ती पूरी तरह से अस्थाई तौर पर (डे-टू-डे बेसिस) की जा रही है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में ग्रामीण व शहरी रूटों पर बसों का संचालन ठप न हो।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने एचआरटीसी की इस प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए राज्य में आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम लागू कर दिया है, जिसके तहत अगले 6 महीनों तक किसी भी तरह की हड़ताल पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर