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मंडी, 24 जून (हि.स.)। सरकारी अस्पताल में डाक्टर को दिखाने के लिए दस रूपए की पर्ची लगेगी। यह अलग बात है कि अब एक पर्ची पर एक से अधिक डाक्टरों को दिखाने के लिए मान्य होगी। इसकी अदायगी नकद अथवा क्यूआर कोड के माध्यम से की जा सकेगी। बुधवार को क्षेत्रीय अस्पताल में अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह की अध्यक्षता में जोनल अस्पताल मंडी की रोगी कल्याण समिति आरकेएस की शासी निकाय की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अस्पताल की वित्तीय स्थिति, मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं तथा अस्पताल के रखरखाव एवं विकास कार्यों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर ओपीडी पर्ची शुल्क को 10 रूपए करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई।
उन्होंने कहा कि पर्ची शुल्क की व्यवस्था शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि यदि किसी रोगी को एक से अधिक चिकित्सकों से परामर्श लेना हो तो वह एक ही पर्ची के माध्यम से सभी चिकित्सकों को दिखा सके। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने अस्पताल प्रशासन को पर्ची शुल्क के भुगतान के लिए क्यूआर कोड आधारित डिजिटल भुगतान व्यवस्था शुरू करने के भी निर्देश दिए, ताकि मरीजों को नकद भुगतान की असुविधा से बचाया जा सके और शुल्क जमा करने की प्रक्रिया सरल एवं पारदर्शी बन सके। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जोनल अस्पताल मंडी क्षेत्रों के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान है। अस्पताल की सेवाओं को निरंतर बेहतर बनाए रखने तथा आवश्यक संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक स्थाई वित्तीय व्यवस्था आवश्यक है ।
वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक एवं सदस्य सचिव आरकेएस डॉ. दिनेश ठाकुर ने प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जोनल अस्पताल मंडी में ओपीडी पर्ची शुल्क 10 रुपए निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह शुल्क रोगी कल्याण समिति के माध्यम से अस्पताल की सुविधाओं के रखरखाव और उन्नयन के लिए एक नाममात्र का उपयोगकर्ता शुल्क होगा। प्रस्तावित व्यवस्था से रोगी कल्याण समिति को प्रतिवर्ष लगभग 32 से 35 लाख रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त होने का अनुमान है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा