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सतना, 24 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना और मैहर जिले में क्षय रोग (टीबी) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार दोनों जिलों में हर माह 350 से अधिक नए टीबी मरीज सामने आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के वर्ष 2026 के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से मई तक सतना और मैहर जिले में टीबी के 1768 नए मरीजों की पहचान हो चुकी है। वहीं वर्ष 2025 में भी दोनों जिलों में करीब 4500 नए मामले दर्ज किए गए थे। यह स्थिति तब है जब प्रदेश में टीबी मुक्त अभियान को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब निजी अस्पताल और क्लीनिक संचालक भी टीबी मरीजों की जानकारी साझा कर रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक निजी संस्थानों के माध्यम से 238 मरीजों की पहचान की गई है। ब्लॉक स्तर पर देखें तो सबसे ज्यादा मरीज मैहर क्षेत्र में मिले हैं। जनवरी से अब तक मैहर ब्लॉक में 299 नए टीबी मरीज सामने आए हैं, जबकि नागौद ब्लॉक में 166 मरीज मिले हैं। वहीं जिला अस्पताल में इस वर्ष अब तक 511 मरीजों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें सतना शहर और अन्य क्षेत्रों से आए मरीज शामिल हैं।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार जिला अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग टीबी की आशंका को लेकर पहुंच रहे हैं। संदिग्ध मरीजों की कफ जांच कराई जाती है, जिनमें कई मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो रही है। संक्रमित मरीजों के लिए अलग वार्ड में उपचार की व्यवस्था की गई है।
चिकित्सकों का कहना है कि शरीर में टीबी के बैक्टीरिया मौजूद होने के बावजूद हर व्यक्ति में बीमारी विकसित नहीं होती। समय पर जांच और नियमित इलाज से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है और अब यह बीमारी पहले जैसी जानलेवा नहीं रही है।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. एमएस तोमर ने बताया कि टीबी की आशंका को लेकर प्रतिदिन कई मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं। जांच के दौरान रोजाना नए मरीज सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गंभीर मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जाता है और उनके लिए अलग वार्ड बनाया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी