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12 साल पुराना सोलर सिस्टम हुआ बेकार, स्थायी समाधान के लिए उच्च अधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट
बलरामपुर, 24 जून (हि.स.)। कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर अस्पताल अंधेरे में डूब जाने की शिकायतों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। विभाग का कहना है कि बिजली गुल होने की स्थिति में अस्पताल की आवश्यक सेवाएं जनरेटर के माध्यम से संचालित की जा रही हैं, जिससे मरीजों के उपचार में कोई बाधा नहीं आ रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी ने प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया है कि अस्पताल में स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र लगभग 12 वर्ष पुराना हो चुका है। उपकरणों और बैटरियों की निर्धारित समयावधि समाप्त होने तथा तकनीकी खराबी के कारण सोलर सिस्टम से पर्याप्त बैकअप नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में संबंधित एजेंसी को पहले ही अवगत कराया जा चुका है।
प्रतिवेदन के अनुसार, बिजली आपूर्ति बंद होने पर अस्पताल में वैकल्पिक जनरेटर की व्यवस्था उपलब्ध है। इसके माध्यम से आपातकालीन कक्ष, प्रसव कक्ष, चिकित्सक कक्ष और सभी वार्डों में प्रकाश व्यवस्था सुचारू रूप से बनाए रखी जाती है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में लगी एक्स-रे मशीन पुराने मॉडल की है, जिसकी बिजली खपत अधिक है। ऐसे में बिजली बाधित होने के दौरान जनरेटर पर एक्स-रे मशीन का संचालन तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है। हालांकि सामान्य परिस्थितियों में अस्पताल में एक्स-रे सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्युत व्यवस्था की समस्या के स्थायी समाधान के लिए उच्च कार्यालय स्तर पर आवश्यक जानकारी भेज दी गई है और जल्द समाधान की दिशा में प्रयास जारी हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय