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रांची, 24 जून (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि आमजन खासकर युवा पीढ़ी नशे की जद से बाहर निकलें। हमें हर हाल में नशामुक्त समाज बनाना है। जिसमें सबों की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा की ओर से वर्ष 1987 से प्रत्येक वर्ष 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा नशामुक्त और सुरक्षित समाज के निर्माण को बढ़ावा देना है। सर्राफ ने कहा कि शराब, तंबाकू तथा अन्य मादक पदार्थों का बढ़ता सेवन सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या बनता जा रहा है।
विशेषकर युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति चिंता का विषय है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के लिए परिवार, विद्यालय, सामाजिक संस्थाओं और सरकार को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। युवाओं में नैतिक मूल्यों और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की मांग है। संजय सर्राफ ने कहा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि अनेक समस्याओं की जड़ है। उन्होंने लोगों से नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar