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देवघर, 24 जून (हि.स.)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक और पूर्व सांसद शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने पर देवघर जिला झामुमो के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।
इस अवसर पर झामुमो जिला अध्यक्ष संजय कुमार शर्मा और वरिष्ठ नेता सुरेश साह ने संयुक्त रूप से कहा कि स्मृति शेष दिशोम गुरु शिबू सोरेन को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से पद्म भूषण से विभूषित किया जाना उनके आजीवन संघर्ष, त्याग, लोकसेवा और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण का राष्ट्रीय सम्मान है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन, आदिवासी अस्मिता और झारखंड के अधिकारों के लिए किए गए ऐतिहासिक संघर्ष का सम्मान है।
दिशोम गुरु ने अपना संपूर्ण जीवन वंचितों, शोषितों एवं श्रमजीवी समाज के अधिकारों की रक्षा और उनके उत्थान के लिए समर्पित किया।
झामुमो नेताओं ने कहा कि झारखंड आंदोलन के महानायक के रूप में शिबू सोरेन का योगदान सदैव प्रेरणास्रोत और अनुकरणीय रहेगा। उनके संघर्षों और विचारों ने झारखंड की पहचान को नई दिशा दी और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूत आधार दिया। जिला समिति की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक अमूल्य धरोहर थे। उनके योगदान को देश की ओर से दिया गया यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy