अंबुबासी महायोग में भक्तों की भारी भीड़,साधना में लीन साधक
गुवाहाटी, 24 जून (हि.स.)। विश्व के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक श्री कामाख्या मंदिर में 22 जून से पांच दिवसीय कार्यक्रमों के साथ आरंभ हुआ अंबुवासी महायोग के मद्देनजर नीलांचल पहाड़ पर श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति देखी जा रही है। 22 जून की रात 9 बजकर
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांडु नदी बंदरगाह और कामाख्या रेलवे स्टेशन पर दो सहायता शिविर स्थापित किए गए हैं। पांडु नदी बंदरगाह स्थित शिविर का उद्घाटन असम सरकार की पर्यटन मंत्री अंजना नेओग ने किया। इस अवसर पर मध्य गुवाहाटी के विधायक विजय गुप्ता, जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, पर्यटन विभाग के अधिकारी तथा कामाख्या मंदिर के बरदेउरी समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इससे पूर्व कामाख्या रेलवे स्टेशन परिसर में स्थापित शिविर का उद्घाटन विधायक विजय गुप्ता ने किया। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए नामनी कामाख्या, प्रशांति लॉज तथा वीआईपी पार्किंग क्षेत्र में 24 घंटे सेवा देने वाले चार संयुक्त नियंत्रण कक्ष और सात सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही अतिरिक्त सीसीटीवी सहित 500 से अधिक कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन के अनुसार अंबुबाची महायोग के सुचारु संचालन हेतु पुलिस, प्रशासन तथा विभिन्न विभागों के लगभग 2,000 अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। मंदिर प्रबंधन समिति के एक सूत्र के अनुसार 23 जून की रात तक देश के विभिन्न हिस्सों से आए दो लाख से अधिक श्रद्धालु महायोग में शामिल हो चुके हैं।    ---------------


गुवाहाटी, 24 जून (हि.स.)। विश्व के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक श्री कामाख्या मंदिर में 22 जून से पांच दिवसीय कार्यक्रमों के साथ आरंभ हुआ अंबुवासी महायोग के मद्देनजर नीलांचल पहाड़ पर श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति देखी जा रही है। 22 जून की रात 9 बजकर 8 मिनट 42 सेकंड पर अंबुबासी प्रवृत्ति प्रारंभ होने से पूर्व सभी नित्य पूजा-अर्चना संपन्न कर मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु तीन दिनों के लिए बंद कर दिए गए।

परंपरा के अनुसार 26 जून की सुबह देवी स्नान, नित्य पूजा-अर्चना तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात ही मंदिर के कपाट पुनः श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

अंबुवासी महायोग के सुचारु संचालन के लिए कामाख्या मंदिर के बरदेउरी समाज, अंबुबासी महायोग संचालन समिति, कामरूप महानगर जिला प्रशासन, गुवाहाटी महानगर पुलिस, पर्यटन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों ने व्यापक तैयारियां की हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस वर्ष भी सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक केवल पैदल ही मंदिर जाने की अनुमति दी गई है।

महायोग के दिनों में बीच-बीच में हुई हल्की बारिश के बावजूद देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से नीलाचल पहाड़ी क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। नेपाल, भूटान के अलावा जर्मनी सहित यूरोप के कई देशों से आए विदेशी श्रद्धालु भी अपने-अपने पंडाओं के आवास तथा अतिथिगृहों में ठहरकर पूजा-अर्चना में भाग ले रहे हैं।

कामाख्या मंदिर के बरदेउरी समाज के बरदोलोई कविंद्र प्रसाद शर्मा, सरुदोलोई हिमाद्री शर्मा तथा सचिव ज्ञान नाथ शर्मा ने बताया कि इस वर्ष नीलाचल पहाड़ी पर बाहरी श्रद्धालुओं के लिए किसी प्रकार के आवासीय शिविर अथवा भोजन व्यवस्था की व्यवस्था नहीं की गई है। हालांकि दशानामी अखाड़े में कुछ साधु-संतों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।

उधर नामनि कामाख्या तथा पांडु में कोई निशुल्क चिकित्सा सेवा तथा अन्न सेवा की शिविर लगाए गए।जहां लोग इन सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। अंबुवासी मेला के अवसर पर अनेक साधु- संत कामाख्या तथा भूतनाथ में साधना कर रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / देबजानी पतिकर