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धमतरी, 24 जून (हि.स.)। नगर पालिक निगम धमतरी के सोरिद वार्ड क्रमांक 35 में कराए गए नाली निर्माण कार्य को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। वार्ड निवासी भुवनलाल सिन्हा ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि उनकी शिकायत पर निष्पक्ष जांच कराने के बजाय नगर निगम द्वारा फर्जी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया है।
शिकायत के अनुसार, काली मंदिर के पास उर्वशा जैन के घर से साई मंदिर होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-30 तक निर्मित नाली का निर्माण स्वीकृत प्राक्कलन एवं निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं किया गया। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य स्तरहीन ढंग से कराया गया, जिससे शासकीय राशि के उपयोग और कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
भुवनलाल ने बताया कि उन्होंने 24 मार्च 2025 को जनदर्शन कार्यक्रम में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद जांच के निर्देश दिए गए थे। लेकिन जिस उपयंत्री की देखरेख में निर्माण कार्य हुआ था, उसी से जांच कराई गई और 3 अप्रैल 2025 को प्रस्तुत रिपोर्ट में कार्य को पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण एवं प्राक्कलनानुसार बताया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह रिपोर्ट वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती और तथ्यों को छिपाकर प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि मामले को सुशासन त्यौहार के दौरान भी उठाया गया था, लेकिन अब तक न तो किसी कार्रवाई की जानकारी दी गई और न ही जांच की प्रगति से अवगत कराया गया। इससे स्थानीय नागरिकों में प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की जांच ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अथवा किसी अन्य स्वतंत्र तकनीकी विभाग से कराई जाए तथा जांच उनकी उपस्थिति में संपन्न हो, ताकि निर्माण कार्य की वास्तविक गुणवत्ता और प्राक्कलन के अनुरूप हुए खर्च की सत्यता सामने आ सके। इस मामलें में अपर कलेक्टर इंदिरा सिंह देहारी ने कहा कि वार्ड की शिकायत मिली है। विभागीय जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा