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मंडी, 24 जून (हि.स.)। प्रदेश के 21 आयुर्वेदिक अस्पतालों को आयुष्मान भारत और हिमकेयर योजना से डी-एम्पैनल कर दिया गया है। प्रदेश सरकार के इस फैसले को भाजपा ने दुर्भाग्यपूर्ण, जनविरोधी और गरीब विरोधी करार दिया है। प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रोकश जम्वाल ने बुधवार को एक बयान में कहा कि सुक्खू सरकार अब जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 23 जून 2026 को जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के 21 आयुर्वेदिक अस्पतालों में आयुष्मान भारत और हिमकेयर योजना के तहत मिलने वाली सुविधाएं बंद कर दी गई हैं। इससे प्रदेश के हजारों गरीब, किसान, मजदूर, बुजुर्ग और दूरदराज क्षेत्रों के लोग सीधे प्रभावित होंगे, जो इन योजनाओं के माध्यम से उपचार प्राप्त करते थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद जनहित के संस्थानों को बंद करने, विकास कार्यों को रोकने और कल्याणकारी योजनाओं को कमजोर करने का अभियान चला रखा है। अब स्वास्थ्य क्षेत्र में भी यही रवैया अपनाया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के लिए शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना करोड़ों लोगों के लिए वरदान साबित हुई है। लेकिन प्रदेश सरकार की अक्षमता और उदासीनता के कारण हिमाचल के लोगों को इसका लाभ मिलने में लगातार बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
राकेश जमवाल ने कहा कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि एक साथ 21 आयुर्वेदिक अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधा बंद करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले ही स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अस्पतालों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के अनेक पद खाली पड़े हैं।
राकेश जमवाल ने मांग की कि प्रदेश सरकार तुरंत इस निर्णय की समीक्षा कर 21 आयुर्वेदिक अस्पतालों में आयुष्मान भारत और हिमकेयर की सुविधाएं बहाल करे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा