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हैदराबाद, 21 जून (हि.स.)। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में कथित रूप से पुलिस हिरासत में 25 वर्षीय युवक की मौत की जांच के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस जांच दल का नेतृत्व इंस्पेक्टर जनरल (कानून-व्यवस्था) एम. रवि प्रकाश करेंगे। इस दल
में पश्चिमी गोदावरी के पुलिस अधीक्षक अदनान नईम अस्मी और अल्लूरी सीतारामाराजू के एसपी अमित बरदार सदस्य होंगे। बापटला जिले के अतिरिक्त एसपी एल. सुधाकर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव ने अधिसूचना जारी कर दी है।
दरअसल, गाडे साईं कृष्णा नामक युवक की मां गाडे विजया लक्ष्मी का कहना है कि लंका पुलिस स्टेशन की पुलिस कृष्णा काे 9 मई काे पूछताछ
के लिए ले गई थी, जिसके बाद से वह वापस नहीं लौटा। इसके बाद गाडे साईं कृष्णा की मां गाडे विजया लक्ष्मी की शिकायत पर लंका पुलिस स्टेशन के निलंबित सर्कल इंस्पेक्टर नागराजू के खिलाफ 19 जून को भारतीय न्याय संहिता ( बीएनएस।) की धाराओं 127(4), 127(6), 103(1) और 238 के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता काे देखते हुए राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल गठित
सरकार ने इस एसआईटी को जांच के लिए पुलिस विभाग के विभिन्न अंगों से आवश्यक अतिरिक्त स्टाफ, तकनीकी और फोरेंसिक सहायता लेने का अधिकार दिया है। एसआईटी को जांच शीघ्रता से पूरी करने का निर्देश दिया गया है। इसके टास्क फोर्स ने सिंह नगर स्थित उसके आवास पर नागराजू से पूछताछ की।
मृतक की मां विजया लक्ष्मी ने आरोप लगाया है कि हिरासत में उनके बेटे को पीट-पीटकर मार डाला गया और शव को जला दिया गया। उन्होंने उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी, जिस पर अदालत ने कृष्णा लंका पुलिस को 15 जून को पीड़ित को पेश करने का निर्देश दिया था।
इस मामले में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 17 जून को मामले की जांच एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी से कराने और सर्कल इंस्पेक्टर नागराजू को निलंबित करने का आदेश दिया था। जांच अधिकारियों ने 23 मई से 26 मई के बीच श्मशान में जलाए गए सभी लावारिस शवों का विवरण एकत्र किया है। पिछले सप्ताह, द्वितीय अतिरिक्त न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत ने पुलिस को 1 मई से 1 जून तक के कृष्णा लंका पुलिस स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। अदालत ने पुलिस को उस अवधि के लिए साईं कृष्णा और उनकी मां के मोबाइल फोन का कॉल डेटा रिकॉर्ड (सीडीआर) भी पेश करने का निर्देश दिया, ताकि उनकी लोकेशन का पता लगाया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj