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जम्मू, 21 जून (हि.स.)। सीमावर्ती क्षेत्र अर्निया में शिव सेना हिंदुस्तान द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न गांवों के प्रधानों और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर नशे की बढ़ती समस्या तथा उसके युवाओं पर पड़ रहे गंभीर प्रभावों पर चर्चा की। बैठक को संबोधित करते हुए शिव सेना हिंदुस्तान जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष पंडित राजेश केसरी ने युवाओं में बढ़ते नशे, विशेषकर हेरोइन (चिट्टा) के सेवन पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशे की लत ने युवाओं के भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों में जहां पहले बड़ी संख्या में युवा सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों में भर्ती होकर देश सेवा करते थे।
राजेश केसरी ने कहा कि गांवों का वातावरण हमेशा से स्वस्थ जीवनशैली, पौष्टिक भोजन और अनुशासित संस्कृति के लिए जाना जाता रहा है लेकिन नशे के बढ़ते प्रकोप ने इस सामाजिक व्यवस्था को कमजोर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्वार्थी और भ्रष्ट तत्वों ने अपने निजी लाभ के लिए समाज में नशीले पदार्थों के प्रसार को बढ़ावा दिया जिसका खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या किसी धर्म, जाति या वर्ग तक सीमित नहीं है इसलिए इसके खिलाफ पूरे समाज को एकजुट होकर लड़ना होगा। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियानों और 100 दिवसीय नशा मुक्ति अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं और राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों तथा स्थानीय नेतृत्व को भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। बैठक के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को और मजबूत करने तथा युवाओं को इस बुराई से बचाने के लिए निरंतर कार्य करने की शपथ ली।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा