मानसून से पहले पीडब्ल्यूडी का दिल्ली भर में गड्ढों की मरम्मत का व्यापक अभियान शुरू
नई दिल्ली, 21 जून (हि.स.)। मानसून के आगमन से पहले दिल्ली की सड़कों को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने आज राजधानी भर में विशेष गड्ढा मरम्मत अभियान चलाया। इस अभियान के तहत इंजीनियरों, फील्ड स्टाफ और रखरखाव ट
दिल्ली लोक  निर्माण विभाग के मंत्री साहिब सिंह  विभिन्न स्थलों पर कार्यों का  निरीक्षण करते हुए


नई दिल्ली, 21 जून (हि.स.)।

मानसून के आगमन से पहले दिल्ली की सड़कों को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने आज राजधानी भर में विशेष गड्ढा मरम्मत अभियान चलाया। इस अभियान के तहत इंजीनियरों, फील्ड स्टाफ और रखरखाव टीमों को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया गया ताकि चिन्हित गड्ढों की समयबद्ध मरम्मत सुनिश्चित की जा सके।

दिल्ली सरकार में लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने स्वयं विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया और अभियान की प्रगति की समीक्षा की। रविवार होने के बावजूद विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरे दिन मैदान में मौजूद रहे और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने में जुटे रहे।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 4 जून के बीच पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर कुल 14,757 गड्ढों की पहचान की गई थी, जिनमें से 12,762 गड्ढों की मरम्मत पहले ही की जा चुकी थी। शेष चिन्हित स्थलों पर मानसून से पहले कार्य पूरा करने के लिए आज विशेष अभियान चलाया गया, जिसके अंतर्गत राजधानी में 2,000 से अधिक गड्ढों की मरम्मत का लक्ष्य रखा गया।

निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि पीडब्ल्यूडी वर्षभर सड़कों की देखभाल और गड्ढों से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए सतर्कता से कार्य करता है। मानसून से पहले हमारा प्रयास है कि दिल्ली की सड़कें सर्वोत्तम स्थिति में रहें। आज का विशेष अभियान इसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। राजधानी में 2,000 से अधिक चिन्हित गड्ढों की मरम्मत की जा रही है ताकि वर्षा ऋतु के दौरान लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।”

उन्होंने आगे कहा कि सड़क अवसंरचना की मजबूती गुणवत्ता, जवाबदेही और दीर्घकालिक टिकाऊपन पर आधारित होनी चाहिए। आज जिन कई गड्ढों की मरम्मत की जा रही है, वे उन सड़कों पर हैं जिनका निर्माण वर्षों पहले हुआ था और जहां गुणवत्ता मानकों का पर्याप्त रूप से पालन नहीं किया गया था। हमारी सरकार ने गुणवत्ता नियंत्रण को और मजबूत किया है तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस व्यवस्था लागू की है। वर्तमान में विभाग द्वारा निर्मित नई सड़कों पर पांच वर्ष की रखरखाव अवधि लागू है, जिसके अंतर्गत किसी भी प्रकार की खराबी या दोष को दूर करने की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होती है।”

मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार केवल नई अवसंरचना के निर्माण पर ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता बनाए रखने, नियमित निगरानी और समय पर रखरखाव सुनिश्चित करने पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है।

यह विशेष अभियान दिल्ली सरकार की व्यापक मानसून पूर्व तैयारियों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सड़कों की स्थिति में सुधार, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा राजधानी को बेहतर, टिकाऊ और नागरिक-केंद्रित अवसंरचना उपलब्ध कराना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव