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धमतरी, 21 जून (हि.स.)। जिले के मुख्य ग्राम इकाई आमदी स्थित गौशाला में दंतेवाड़ा जिले से आए प्रगतिशील पशुपालकों के अध्ययन भ्रमण दल के लिए रविवार को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पशुपालकों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों से परिचित कर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाना था।
प्रशिक्षण के दौरान पशु प्रजनन विशेषज्ञ डॉ. टीआर वर्मा ने नस्ल सुधार, संतुलित एवं पोषणयुक्त आहार प्रबंधन, वैज्ञानिक पशुपालन, पशु स्वास्थ्य संरक्षण तथा आधुनिक प्रजनन तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृत्रिम गर्भाधान में सेक्स-सॉर्टेड सीमन के उपयोग से उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली मादा बछियों की प्राप्ति की संभावना बढ़ती है, जिससे पशुपालकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। कार्यक्रम में ऋतु में आई गाय का प्रत्यक्ष कृत्रिम गर्भाधान कर तकनीक का व्यवहारिक प्रदर्शन भी किया गया, जिससे पशुपालकों को वैज्ञानिक विधियों को समझने और अपने क्षेत्र में अपनाने का अवसर मिला।
विशेषज्ञों ने नियमित टीकाकरण, कृमिनाशन, स्वच्छता प्रबंधन तथा हरे चारे के उत्पादन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। प्रशिक्षण के दौरान पशुपालकों ने विभिन्न तकनीकी विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया तथा आधुनिक पशुपालन मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने गौशाला में संचालित गतिविधियों और वैज्ञानिक प्रबंधन की सराहना की। इस अवसर पर संस्था प्रभारी एम.आर. नेताम (एवीएफओ) एवं नेमीचंद निषाद (परिचारक) उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ, जो भविष्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, पशुओं की उत्पादकता सुधारने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा