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नई दिल्ली, 21 जून (हि.स.)। दिल्ली में रविवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा के दौरान परिक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की सुविधा के लिए दिल्ली सरकार द्वारा किए गए विशेष प्रबंधों को व्यापक सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। लगभग 45 हजार अभिभावकों व परीक्षार्थियों ने दिल्ली सरकार की इस सुविधा का लाभ उठाया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि परीक्षा के दिन प्राप्त फीडबैक से स्पष्ट है कि सरकार की व्यवस्थाओं ने विद्यार्थियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत प्रदान की। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार ने देश में इस तरह की नई पहल शुरू की है, जब परीक्षार्थियों के साथ अभिभावकों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने इसके लिए सरकार के कई विभागों के समन्वित प्रयास की सराहना की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा से पहले यह सुनिश्चित किया गया था कि किसी भी परिक्षार्थी को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में परिवहन संबंधी कठिनाई का सामना न करना पड़े और न ही अभिभावकों को भीषण गर्मी में असुविधा झेलनी पड़े। इसी उद्देश्य से सभी नीट अभ्यर्थियों के लिए डीटीसी बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई गई तथा राजधानी के सभी 97 परीक्षा केंद्रों के बाहर विशेष कूलिंग जोन स्थापित किए गए। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने वैध एडमिट कार्ड के आधार पर डीटीसी की निशुल्क यात्रा सुविधा का लाभ उठाया। विद्यार्थियों ने कहा कि इससे उन्हें समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने में मदद मिली और परीक्षा के दिन परिवहन संबंधी चिंता कम हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा केंद्रों के बाहर स्थापित विशेष कूलिंग जोन को भी अभिभावकों और परिजनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। कूलिंग जोन में बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, ओआरएस, शिकंजी, चाय और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। अभिभावकों ने कहा कि इन व्यवस्थाओं से लंबे समय तक प्रतीक्षा करना अधिक सहज और आरामदायक हो गया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार करीब वहां पहुंचे करीब 45,000 परीक्षार्थियों व अभिभावकों ने सरकार की इस सुविधा का लाभ उठाया। वे इस बात से संतुष्ट थे कि पहली बार उन्हें इस तरह की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होती हैं। ऐसे अवसरों पर सरकार का दायित्व केवल प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि परिक्षार्थियों और उनके परिवारों की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि जब अभिभावक निश्चिंत रहते हैं तो उसका सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और प्रदर्शन पर भी पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने परीक्षा के सफल संचालन में योगदान देने वाले जिला प्रशासन, परिवहन विभाग, डीटीसी, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से विद्यार्थियों और अभिभावकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और नागरिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है तथा भविष्य में भी विद्यार्थियों और उनके परिवारों की सुविधा के लिए ऐसे संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित प्रयास जारी रखे जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव