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धर्मशाला, 21 जून (हि.स.)। कांगड़ा जिला में शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के नेरटी में आयोजित 230 वर्षीय ऐतिहासिक देहरा-नेरटी वार्षिक मेले को जिला स्तरीय दर्जा मिलने के उपलक्ष्य में आयोजित उद्घाटन समारोह में शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने शिव मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा हवन में पूर्णाहुति डालकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
अपने संबोधन में केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मेले हमारी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं के परिचायक हैं। उन्होंने कहा कि देहरा-नेरटी मेले को वर्षों तक सहेजकर रखने में प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. गौतम व्यथित और उनके परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय मेलों और उत्सवों के संरक्षण के लिए प्रदेश स्तर पर नीति बनाए जाने की आवश्यकता है ताकि हमारी सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि देहरा-नेरटी मेले को जिला स्तरीय दर्जा दिलाने की मांग लंबे समय से चली आ रही थी, लेकिन पूर्व जनप्रतिनिधियों ने इस दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं किए। वर्तमान सरकार के प्रयासों से क्षेत्रवासियों की यह वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है।
उपमुख्य सचेतक ने बताया कि रैत-कोहला सड़क का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है तथा लगभग डेढ़ किलोमीटर सड़क पर कंक्रीट कार्य किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित विभाग एवं ठेकेदार को सड़क की टायरिंग और कंक्रीट कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
प्रसिद्ध साहित्यकार एवं कार्यक्रम के सूत्रधार डॉ. गौतम व्यथित ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए देहरा-नेरटी मेले को जिला स्तरीय दर्जा दिलाने के लिए प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री तथा उपमुख्य सचेतक का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उनके वर्षों पुराने सपने के साकार होने जैसा है। इस अवसर पर उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने हरि कृष्ण मुरारी द्वारा लिखित पुस्तक ‘चल तरीका जो चलदे’ का विमोचन भी किया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया