ब्रह्माकुमारीज में योग दिवस और फादर्स डे का आयोजन
पूर्वी सिंहभूम, 21 जून (हि.स.)। सोनारी स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के यूनिवर्सल पीस पैलेस में रविवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस एवं फादर्स डे का संयुक्त आयोजन श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाई-बहनों ने भ
योग दिवस पर केक काटकर पिताओं का सम्मान


योग दिवस पर केक काटकर पिताओं का सम्मान


पूर्वी सिंहभूम, 21 जून (हि.स.)। सोनारी स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के यूनिवर्सल पीस पैलेस में रविवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस एवं फादर्स डे का संयुक्त आयोजन श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाई-बहनों ने भाग लेकर योग, स्वास्थ्य, पारिवारिक मूल्यों और आध्यात्मिक जीवनशैली को अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक योगाभ्यास से हुई। इस दौरान वर्षों तक टाटा स्पोर्ट्स अकादमी में योग प्रशिक्षण दे चुके प्रख्यात योग प्रशिक्षक भाई अरविंद ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं स्वास्थ्यवर्धक अभ्यासों का प्रशिक्षण दिया।

उन्होंने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि संतुलित, सकारात्मक और तनावमुक्त जीवन जीने की कला है। उन्होंने नियमित योगाभ्यास को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर बल दिया। उल्लेखनीय है कि यूनिवर्सल पीस पैलेस में प्रतिदिन प्रातःकाल भाई अरविंद के मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में भाई-बहन योगाभ्यास करते हैं।

इसके बाद फादर्स डे के अवसर पर उपस्थित सभी पिताओं को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया तथा केक काटकर इस विशेष दिवस का उत्सव मनाया गया। वक्ताओं ने कहा कि जिस प्रकार परमपिता परमात्मा सभी को प्रेम, सुरक्षा और सही मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, उसी प्रकार एक पिता अपने परिवार के सुखद भविष्य के लिए निरंतर समर्पित रहता है। उन्होंने पिता के त्याग, संघर्ष, जिम्मेदारी और मौन योगदान को समाज की अमूल्य धरोहर बताया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों एवं युवाओं ने गीत, नृत्य और लघु नाटिकाओं की प्रस्तुति देकर पिता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि योग दिवस स्वास्थ्य, एकता और सकारात्मकता का प्रतीक है, जबकि फादर्स डे परिवार की शक्ति, जिम्मेदारी और समर्पण का सम्मान करने का अवसर है। दोनों अवसरों का यह संगम स्वस्थ शरीर, शांत मन और संस्कारवान परिवार के निर्माण का संदेश देता है।

अंत में सभी ने परमपिता परमात्मा के प्रेम, करुणा, धैर्य और जिम्मेदारी जैसे गुणों को जीवन में धारण करने तथा योग, पारिवारिक मूल्यों और आध्यात्मिक जीवनशैली को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन विश्व शांति, परिवारों की खुशहाली और समस्त मानवता के कल्याण की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक