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कानपुर, 21 जून (हि.स.)। शरबत और शीतल जल वितरण का उद्देश्य केवल लोगों को गर्मी से राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के सामने संवेदनशीलता, परोपकार और मानवता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करना भी है। यदि युवा इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं तो समाज अधिक सहृदय और समरस बन सकता है। यह बातें रविवार को यति संकल्प संस्थान की सचिव एवं समाजसेवी सीए नीतू सिंह ने नीट परीक्षा के दौरान आयोजित सेवा अभियान के अवसर पर कहीं।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के दौरान शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर यति संकल्प संस्थान की ओर से परीक्षार्थियों, उनके अभिभावकों और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के लिए निःशुल्क शरबत एवं शीतल जल वितरण की व्यवस्था की गई। भीषण गर्मी के बीच इस पहल से हजारों लोगों को राहत मिली।
संस्थान की सचिव सीए नीतू सिंह के सौजन्य से चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर मौजूद लोगों को गर्मी से बचाने के साथ-साथ समाज में सेवा और परोपकार की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा केवल बड़े अवसरों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि दैनिक जीवन में भी ऐसे प्रयास किए जाने चाहिए जो लोगों को राहत और सहयोग प्रदान करें।
उन्होंने बताया कि यति संकल्प संस्थान लंबे समय से सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में सक्रिय है। गर्मी के मौसम में पक्षियों के लिए विभिन्न स्थानों पर जलपात्रों की व्यवस्था करना भी संस्थान की नियमित गतिविधियों में शामिल रहा है। जीव सेवा और मानव सेवा की इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए यह अभियान संचालित किया गया।
परीक्षा केंद्रों पर मौजूद अभिभावकों, परीक्षार्थियों और सुरक्षाकर्मियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि तेज गर्मी के बीच शीतल जल और शरबत की व्यवस्था से उन्हें काफी राहत मिली। वीएसएसडी के निदेशक डॉ. अंशू सिंह सेंगर के नेतृत्व में संपन्न हुए इस अभियान में यति संकल्प संस्थान से जुड़े सैकड़ों स्वयंसेवकों ने सक्रिय योगदान दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप