Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

श्रीनगर, 21 जून (हि.स.)। विपक्ष के नेता और वरिष्ठ बीजेपी नेता सुनील शर्मा ने रविवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर आउटसोर्सिंग सिस्टम और पिछले दरवाज़े से की जाने वाली नियुक्तियों को सही ठहराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों को पारदर्शी और योग्यता-आधारित भर्ती प्रक्रिया के ज़रिए भरा जाना चाहिए। शर्मा ने जवाहर नगर म्युनिसिपल पार्क में पत्रकारों से बात करते हुए ये बातें कहीं जहाँ बीजेपी कार्यकर्ता अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहे थे।
जम्मू-कश्मीर में आउटसोर्सिंग सिस्टम एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। इस व्यवस्था के तहत सरकारी विभाग नियमित भर्ती चैनलों के बजाय निजी एजेंसियों के ज़रिए लोगों को काम पर रखते हैं। सुनील शर्मा ने कहा कि इस तरीके से उन पढ़े-लिखे युवाओं के लिए मौके कम हो जाते हैं जो प्रतियोगी परीक्षाओं और स्थापित भर्ती एजेंसियों के ज़रिए सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं। शर्मा ने कहा कि बीजेपी रोज़गार पैदा करने के खिलाफ नहीं है लेकिन सरकार के आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर बढ़ते भरोसे का कड़ा विरोध करती है। उन्होंने कहा, भर्ती का एक सही तरीका होना चाहिए जहाँ पढ़े-लिखे युवाओं को उनकी काबिलियत और हुनर के आधार पर नौकरी मिले।
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने आउटसोर्सिंग सिस्टम और पिछले दरवाज़े से की जाने वाली नियुक्तियों को सही ठहराया है जबकि काबिल उम्मीदवारों को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के ज़रिए चुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के सभी उम्मीदवारों को समान अवसर देने के लिए सरकारी नौकरियों को मान्यता प्राप्त भर्ती संस्थाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं के ज़रिए भरा जाना चाहिए।
इस मुद्दे को सीधे तौर पर हजारों बेरोजगार युवाओं को प्रभावित करने वाला बताते हुए शर्मा ने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले को हर उपलब्ध मंच पर उठाना जारी रखेगी और पारदर्शी और न्यायसंगत भर्ती ढांचे के लिए दबाव डालेगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह