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नई दिल्ली, 21 जून (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर 'सेवा भारती, दिल्ली' ने सामाजिक कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। संस्था द्वारा राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों और सेवा बस्तियों में एक साथ 301 नए सेवा प्रकल्पों का वर्चुअल लोकार्पण किया गया।
डिजिटल माध्यमों से आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में दिल्ली के विभिन्न विभागों, जिलों के कार्यकर्ताओं, शिक्षिकाओं, स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
सेवा भारती के इस नए अभियान का सीधा फायदा समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्ग को मिलेगा। इन प्रकल्पों के माध्यम से पांच हजार से अधिक लाभार्थी प्रत्यक्ष रूप से जुड़ेंगे। सेवा कार्य विस्तार अभियान के तहत मुख्य रूप से कई केंद्रों की शुरुआत की गई है। इनमें संस्कार केंद्र, सिलाई एवं स्वावलंबन केंद्र और स्वयं सहायता समूह शामिल है।
सेवा भारती का मानना है कि योग का वास्तविक संदेश केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मकल्याण के साथ-साथ लोककल्याण का भी मार्ग प्रशस्त करता है।
कार्यक्रम में शामिल हुए गणमान्य अतिथियों ने सेवा भारती के इस प्रयास की सराहना की और अपने विचार साझा किए।
स्पाइसजेट (मुख्य अतिथि) के अध्यक्ष एवं प्रबंधक निदेशक अजय सिंह ने कहा कि सेवा भारती का यह संकल्प समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की धारा पहुँचाने वाला है, जो राष्ट्र निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।
अखिल भारतीय सेवा प्रमुख (मार्गदर्शक) पराग अभ्यंकर ने कहा कि सेवा केवल सहायता नहीं, बल्कि समाज में समरसता और राष्ट्रीय चेतना जगाने का माध्यम है। हमें वंचित वर्ग को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इसे साधना मानना होगा।
कार्यक्रम अध्यक्ष रमेश ने कहा कि सेवा भारती का हर प्रकल्प समाज में सकारात्मक बदलाव का केंद्र है। कार्यकर्ताओं को सेवा, संस्कार और संगठन की भावना के साथ काम करना चाहिए।
इस भव्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सेवा भारती के प्रांत कार्यालय से किया गया।
महिला सशक्तिकरण, बाल संस्कार और युवाओं में राष्ट्रभाव जगाने के उद्देश्य से शुरू हुए ये 301 प्रकल्प आने वाले समय में दिल्ली की सेवा बस्तियों में आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिखेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी