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सीवान, 20 जून (हि.स.)। सीवान सदर अस्पताल में शनिवार की रात निजी एंबुलेंस चालकों की मनमानी एक बार फिर उजागर हो गई। सड़क दुर्घटना में घायल दो मरीजों को इलाज शुरू होने से पहले ही निजी एंबुलेंस चालक जबरन अपने वाहन में लादकर निजी अस्पताल ले जाने का प्रयास करने लगे। परिजनों के विरोध और हंगामे के बाद चालक दोनों घायलों को आपातकालीन कक्ष में छोड़कर फरार हो गए।
घटना ने सदर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और एंबुलेंस माफिया के बढ़ते प्रभाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार गोपालगंज जिले के माझागढ़ थाना क्षेत्र के कोईनी सहलादपुर निवासी हरगुण साह के पुत्र संजय शाह तथा जवाहर शाह के पुत्र नीरज साह बाइक से दरौली में एक तिलक समारोह में शामिल होने जा रहे थे।
इसी दौरान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सरसर गांव के समीप शाम करीब सात बजे उनकी बाइक की टक्कर एक चारपहिया वाहन से हो गई। हादसे में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया।
आरोप है कि अस्पताल में इलाज शुरू होने से पहले ही निजी एंबुलेंस चालक सक्रिय हो गए और डॉक्टर की अनुमति या रेफरल के बिना ही दोनों घायलों को एंबुलेंस में लादकर निजी अस्पताल ले जाने लगे। जब परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया।
ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. मुकेश कुमार रंजन ने भी स्वीकार किया कि दोनों घायलों की प्राथमिक चिकित्सा और बैंडेज टांका तक नहीं हुई थी कि निजी एंबुलेंस चालक उन्हें अपने वाहन में ले जाने लगे। हंगामे के बाद चालक मरीजों को अस्पताल में छोड़कर मौके से भाग निकले। बाद में चिकित्सकों ने दोनों घायलों का उपचार किया।
गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच, पटना रेफर कर दिया गया। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सदर अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस चालकों की इतनी हिम्मत कैसे हो जाती है कि वे डॉक्टर के रेफर किए बिना ही मरीजों को अपने कब्जे में लेने लगते हैं।
अस्पताल परिसर में लंबे समय से सक्रिय एंबुलेंस माफिया पर अंकुश नहीं लग पाने से मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी है। शनिवार की घटना ने एक बार फिर अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली और मरीजों की सुरक्षा को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma