उत्तर मध्य रेलवे के अधिकारी अमित गोयल को को मिला प्रतिष्ठित आईआरएसई पुरस्कार
प्रयागराज, 16 जून (हि.स)। उत्तर मध्य रेलवे के सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के उप मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता अमित गोयल को रेलवे क्षेत्र में नवाचार, सुरक्षा एवं तकनीकी उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित आईआरएसई (इंस्टीट्यूशन ऑफ रेलवे सिग्नल इंजीनियर्स)
पुरस्कृत होते


प्रयागराज, 16 जून (हि.स)। उत्तर मध्य रेलवे के सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के उप मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता अमित गोयल को रेलवे क्षेत्र में नवाचार, सुरक्षा एवं तकनीकी उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित आईआरएसई (इंस्टीट्यूशन ऑफ रेलवे सिग्नल इंजीनियर्स) पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया है।

उक्त जानकारी वरिष्ठ जनसम्पर्क अधिकारी अमित मालवीय ने मंगलवार को दी। उन्होंने बताया कि यह सम्मान उन्हें ‘संरक्षा-महत्वपूर्ण रेलवे सिग्नलिंग इंजीनियरिंग और विनिर्माण नेतृत्व में उत्कृष्टता प्रदर्शित करने वाले व्यक्तित्व श्रेणी’ में प्रदान किया गया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आईआरएसई सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 के दौरान प्रदान किया गया।

उन्होंने बताया कि अमित गोयल को यह सम्मान उत्तर मध्य रेलवे द्वारा विकसित अभिनव परियोजना ‘इंटेलिजेंट रेलवे ऑपरेशंस और जीरो-डिफेक्ट ऑटो चार्टिंग के लिए कंट्रोल ऑफिस एप्लीकेशन के साथ ऑटोमेटेड ट्रेन ट्रैकिंग सिस्टम का एआई संचालित डिजिटल ट्विन आधारित एकीकरण’ की अवधारणा एवं उसके सफल कार्यान्वयन के लिए प्रदान किया गया है। यह प्रणाली रेलवे परिचालन को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय एवं कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अमित गोयल के अनुसार, इस नवाचार में महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के दिशा निर्देशन और प्रधान मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता सतेंद्र कुमार तथा मुख्य सिग्नल इंजीनियर दीपक सिन्हा के मार्गदर्शन सहित समस्त सिग्नल एवं दूरसंचार टीम के समर्पित प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यह सम्मान भारतीय रेल में सुरक्षित, स्मार्ट एवं तकनीक-संचालित परिचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

पीआरओ ने बताया कि भविष्य में यह प्रणाली वास्तविक समय ट्रेन सूचना प्रणाली (आरटीआईएस), कवच (ट्रेन सुरक्षा प्रणाली), स्काडा, सीसीटीवी तथा अन्य उन्नत रेलवे प्रणालियों के साथ एकीकृत होकर भारतीय रेल के डिजिटलीकरण एवं आधुनिकीकरण को नई दिशा प्रदान कर सकती है।

इस अभिनव प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं-ट्रेनों की वास्तविक समय (रियल-टाइम) में स्वचालित ट्रैकिंग।-कंट्रोल कार्यालय में स्वचालित ट्रेन चार्टिंग।-डिजिटल ट्विन (आभासी प्रतिरूप) आधारित दृश्यांकन।-कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित विलम्ब, भीड़भाड़ एवं परिचालन विश्लेषण।-न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ अधिक सटीक परिचालन नियंत्रण।-आपदा प्रबंधन एवं ट्रैफिक नियमन हेतु बेहतर निर्णय सहायता प्रणाली।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र