इंदौरः स्कूल चले हम अभियान के तहत बाल विनय मंदिर पहुंचे कलेक्टर, विद्यार्थियों से किया संवाद
- सफलता के लिए कम्युनिकेशन स्किल, कला और निरंतर सीखने की आदत जरूरीः कलेक्टर वर्मा इंदौर, 16 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में मंगलवार को स्कूल चले हम अभियान के अंतर्गत कलेक्टर शिवम वर्मा आज शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बाल विनय मंदिर पहुँचे। यहाँ
स्कूल चले हम अभियान में बाल विनय मंदिर पहुंचे कलेक्टर बच्चों से संवाद करते हुए


स्कूल चले हम अभियान में बाल विनय मंदिर पहुंचे कलेक्टर बच्चों से संवाद करते हुए


- सफलता के लिए कम्युनिकेशन स्किल, कला और निरंतर सीखने की आदत जरूरीः कलेक्टर वर्मा

इंदौर, 16 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में मंगलवार को स्कूल चले हम अभियान के अंतर्गत कलेक्टर शिवम वर्मा आज शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बाल विनय मंदिर पहुँचे। यहाँ उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया। बच्चों से सीधा संवाद किया और उन्हें स्कूल बैग, वाटर बॉटल सहित अन्य जरूरी सामग्री वितरित की।

उन्होंने बच्चों को उनके शैक्षणिक जीवन की नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में कलेक्टर ने विद्यार्थियों से खुलकर चर्चा की और उन्हें सफलता, नेतृत्व क्षमता, कला, करियर निर्माण तथा बदलती तकनीक के साथ स्वयं को निरंतर अपडेट रखने के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।

संवाद के दौरान कलेक्टर वर्मा ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल अकादमिक शिक्षा ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि प्रभावी संवाद कौशल (कम्युनिकेशन स्किल) और नेतृत्व क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि एक अच्छा लीडर वही होता है जो अपने साथ काम करने वाले लोगों के लक्ष्य, उनकी आवश्यकताओं और उनकी सोच को समझकर उन्हें प्रेरित कर सके तथा सही दिशा दिखा सके।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि स्कूल केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं है, बल्कि यह जीवन के अनेक महत्वपूर्ण कौशल सीखने का मंच भी है। मित्रों, शिक्षकों और सहपाठियों के साथ संवाद करते हुए बच्चों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति क्षमता, टीमवर्क और नेतृत्व जैसे गुण विकसित होते हैं, जो आगे चलकर उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कलेक्टर ने कला, संगीत, नृत्य, चित्रकला और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के महत्व पर विशेष बल देते हुए कहा कि समाज में अक्सर इन गतिविधियों को केवल सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के रूप में देखा जाता है, जबकि वर्तमान समय में ये उत्कृष्ट करियर विकल्प के रूप में भी उभरकर सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि कला के विभिन्न माध्यम व्यक्ति की संवेदनशीलता, रचनात्मकता और सोच को विकसित करते हैं तथा मानसिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि किसी क्षेत्र में रुचि हो तो उसे पूरे समर्पण और ईमानदारी के साथ अपनाना चाहिए। किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर अभ्यास, अनुशासन और लंबे समय तक लगातार मेहनत करने की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और हर उपलब्धि के पीछे कठोर परिश्रम छिपा होता है।

अपने अनुभव साझा करते हुए वर्मा ने बताया कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी आसान नहीं होती। तैयारी के दौरान कई तरह की चुनौतियों और असफलताओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन जो व्यक्ति धैर्य बनाए रखता है और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहता है, वह अंततः सफलता प्राप्त करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को चुनौतियों से घबराने के बजाय उनसे सीख लेने की सलाह दी।

कलेक्टर वर्मा ने यह भी कहा कि जिस क्षेत्र में विद्यार्थी अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, उससे जुड़े विशेषज्ञों और अनुभवी लोगों से मार्गदर्शन अवश्य प्राप्त करें। सही दिशा और उचित सलाह से लक्ष्य प्राप्त करने की राह आसान हो जाती है तथा समय और ऊर्जा का बेहतर उपयोग संभव हो पाता है। तकनीक के तेजी से बदलते स्वरूप का उल्लेख करते हुए वर्मा ने कहा कि आज का युग निरंतर सीखने का युग है। उन्होंने अपने छात्र जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि समय के साथ तकनीक में कितने बड़े बदलाव आए हैं और आने वाले वर्षों में भी यह परिवर्तन लगातार जारी रहेगा। ऐसे में विद्यार्थियों को नई तकनीकों, नए उपकरणों और नई जानकारियों को सीखने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती और व्यक्ति को जीवनभर नई चीजें सीखते रहना चाहिए। जो लोग समय के साथ स्वयं को अपडेट रखते हैं, वही भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो पाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बने रहने, सकारात्मक सोच विकसित करने और अपने सपनों को साकार करने के लिए पूरी लगन से प्रयास करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका कलेक्टर शिवम वर्मा ने सरल और प्रेरक ढंग से उत्तर दिया। उनके प्रेरणादायी विचारों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, उत्साह और लक्ष्य के प्रति समर्पण की भावना का संचार हुआ। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी शांता स्वामी भार्गव तथा विद्यालय की प्राचार्य पूजा सक्सेना भी विशेष रूप से मौजूद रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर