केंद्र और असम के बीच सिंचाई एवं कृषि विकास को लेकर सहयोग मजबूत होगा : पीयूष हजारिका
गुवाहाटी, 16 जून (हि.स.)। असम सरकार के सिंचाई, कृषि एवं संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल तथा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से शिष्टाचार भेंट कर राज्य के सिं
Assam Minister for Irrigation, Agriculture and Parliamentary Affairs Pijush Hazarika on Tuesday in a meetings with Union Union Agriculture Shivraj Singh Chouhan..


गुवाहाटी, 16 जून (हि.स.)। असम सरकार के सिंचाई, कृषि एवं संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल तथा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से शिष्टाचार भेंट कर राज्य के सिंचाई और कृषि क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के सरकारी आवास पर हुई बैठक में हजारिका ने ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियों के आधार पर असम में उपलब्ध विशाल सिंचाई क्षमता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 27 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई की संभावनाएं हैं, लेकिन वर्तमान में केवल करीब सात लाख हेक्टेयर भूमि ही सिंचाई योजनाओं के दायरे में है। बैठक में सिंचाई अवसंरचना को मजबूत करने तथा केंद्र सरकार की ‘हर खेत को पानी’ परिकल्पना के अनुरूप सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर विचार-विमर्श किया गया।

पाटिल ने असम के सिंचाई क्षेत्र की अपार संभावनाओं की सराहना करते हुए इसके विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

इसके बाद हजारिका ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। कृषि मंत्री के रूप में दायित्व संभालने के बाद हुई इस शिष्टाचार भेंट में हजारिका ने असम के कृषि क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, संचालित योजनाओं और भविष्य की संभावनाओं से उन्हें अवगत कराया।

चौहान ने कृषि क्षेत्र में अपने अनुभव के आधार पर असम में कृषि विकास और किसानों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। साथ ही उन्होंने राज्य के कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन भी दिया।

दोनों बैठकों को असम के सिंचाई और कृषि क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश