आयुर्वेद की तिगलारी और कन्नड़ पांडुलिपियों को बचाने की पहल शुरू
नई दिल्ली, 15 जून (हि.स.)। भारत की प्राचीन आयुर्वेदिक ज्ञान-संपदा को सुरक्षित रखने की पहल शुरू हुई है। इसके तहत तिगलारी और पुरानी कन्नड़ लिपि में लिखी गई आयुर्वेद की दुर्लभ पांडुलिपियों को पढ़ना और उन्हें आधुनिक लिपि में बदलने का काम शुरू किया गया
Invalid email address
संपर्क करें
हिन्दुस्थान समाचार बहुभाषी न्यूज एजेंसी एम-6, भगत सिंह मार्केट, गोल मार्केट, नई दिल्ली- 110001