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जोधपुर, 13 जून (हि.स.)। एमबीएम विश्वविद्यालय में कथित अनियमितताओं एवं कुलगुरु के तानाशाही रवैये के विरोध में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कुलगुरु का पुतला दहन कर विरोध जताया तथो राज्यपाल व कुलाधिपति के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई एवं कुलगुरु को पद से बर्खास्त करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कुलगुरु द्वारा अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए महिला शिक्षकों एवं अन्य प्रोफेसरों के खिलाफ मनमाने ढंग से कार्रवाई की जा रही है। एनएसयूआई पदाधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार का रवैया लोकतांत्रिक एवं शैक्षणिक मूल्यों के विपरीत है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि एमबीएम विश्वविद्यालय पश्चिमी राजस्थान का प्रमुख एवं सबसे बड़ा इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय है, जहां से शिक्षा प्राप्त कर हजारों विद्यार्थी देश-विदेश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां चिंताजनक हैं।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन और विद्यार्थी विभिन्न समस्याओं से परेशान हैं तथा अपनी समस्याएं कुलगुरु के समक्ष रखने पर विद्यार्थियों के खिलाफ भी अनुचित कार्रवाई की जाती है। उन्होंने इसे छात्र हितों के खिलाफ बताते हुए निंदनीय करार दिया।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व में चर्चित एक नकल प्रकरण में भी कुलगुरु द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से छात्रों में असंतोष व्याप्त है। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय में पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करने की मांग करते हुए राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश