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बलरामपुर, 13 जून (हि.स.)। शनिवार को जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में चल रहे विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता तेज दिखाई दी। भारत सरकार के टीबी मुक्त भारत 100 दिवसीय विशेष अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में अत्याधुनिक हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से संभावित मरीजों की पहचान और जांच की जा रही है।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह के नेतृत्व में जिले में यह अभियान व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान कर समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करना है, ताकि टीबी के प्रसार को रोका जा सके और जिले को टीबी मुक्त बनाया जा सके।
अभियान के तहत अब तक कुल 90 विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया है, जिनमें 7,679 उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनकी स्क्रीनिंग की गई। सभी चिन्हित व्यक्तियों की प्रारंभिक जांच पूरी कर ली गई है।
स्क्रीनिंग के दौरान 2,442 व्यक्तियों के एक्स-रे में असामान्यताएं पाई गईं। ऐसे संदिग्ध मरीजों के खंखार (स्यूटम) नमूने एकत्र कर ट्रू-नॉट मशीन के माध्यम से जांच की जा रही है, ताकि टीबी की पुष्टि कर समय पर उपचार शुरू किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के निर्माण के उद्देश्य से विभिन्न विकासखंडों में लगातार स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में न केवल जांच की सुविधा दी जा रही है, बल्कि आवश्यक परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लोगों में जागरूकता बढ़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, सूखी खांसी, खांसी के साथ बलगम या खून आना, सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, भूख कम लगना, वजन में गिरावट, लगातार हल्का बुखार या कमजोरी महसूस हो रही हो, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि समय पर जांच और उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है तथा संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय