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जयपुर, 13 जून (हि.स.)। जिला उपभोक्ता आयोग, जयपुर-प्रथम ने एक्सीडेंट में कार के एयरबैग नहीं खुलने से हुई महिला की मौत मामले में विपक्षी मारुति सुजुकी इंडिया लि. का सेवादोष व जिम्मेदार मानते हुए मृतका के परिजनों को 40 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति देने का निर्देश दिया है। वहीं इस राशि पर परिवाद दायर करने की तारीख से 9 फीसदी वार्षिक ब्याज भी देने के लिए कहा है। इसके अलावा आयोग ने कंपनी पर 1.25 लाख रुपये का हर्जाना भी लगाया है। आयोग के अध्यक्ष डा.सूबेसिंह और सदस्य आशुतोष चौधरी व हेमलता अग्रवाल ने यह आदेश मृतका की मां ललिता व भाई के परिवाद पर दिया। आयोग ने माना कि एक्सीडेंट के समय वाहन की सुरक्षा प्रणाली ने सही काम नहीं किया और इसके चलते एयरबैग नहीं खुले। एयरबैग नहीं खुलने के कारण चालक और यात्री को गंभीर शारीरिक नुकसान हुआ। यह वाहन की सुरक्षा और गुणवत्ता में कमी को दर्शाता है, जिसके लिए वाहन निर्माता कंपनी जिम्मेदार है।
परिजनों ने परिवाद में कहा कि 4 मार्च 2025 को दिल्ली-जयपुर रोड पर प्रीति कार से जयपुर आ रही थी। उसके साथ में मित्र गौरव भी था। रात 9:40 बजे, चंदवाजी के पास घाटवाड़ा पुलिया के पास वाहन असंतुलित हो गया और सामने बने डिवाइडर से टकराकर पलट गया। एक्सीडेंट इतना गंभीर था कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस दौरान उसके एयरबैग नहीं खुले, प्रीति शर्मा को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर मृत्यु हो गई। इसे वाहन का निर्माण दोष बताकर परिवादीगण ने उपभोक्ता आयोग में चुनौती देते हुए कहा कि वाहन में बैठे दोनों लोगों ने सीट बेल्ट लगाई हुई थी। ऐसी स्थिति में वाहन के एयरबैग खुलना चाहिए था, लेकिन एयरबैग नहीं खुले। इसलिए उन्हें विपक्षी कंपनी सहित अन्य पक्षकारों से क्षतिपूर्ति दिलवाई जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक