Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

बलरामपुर, 13 जून (हि.स.)। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने जिले में कुष्ठ रोग की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए विशेष तैयारी पूरी कर ली है। जिले में 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक कुष्ठ रोग खोज अभियान (एलसीडीसी) संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर सर्वे करेंगी और संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें जांच एवं उपचार से जोड़ा जाएगा।
अभियान का उद्देश्य समुदाय में छिपे हुए कुष्ठ रोग के मामलों का प्रारंभिक स्तर पर पता लगाना, समय पर उपचार उपलब्ध कराना तथा रोग के प्रसार को रोकना है। इसके माध्यम से प्रभावित व्यक्तियों को निःशुल्क उपचार प्रदान कर उन्हें सामान्य एवं स्वस्थ जीवन जीने में सहायता मिलेगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम और अन्य मैदानी कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे। इस दौरान त्वचा पर सुन्न धब्बे, संवेदनशीलता में कमी, नसों में सूजन अथवा कुष्ठ रोग से जुड़े अन्य संभावित लक्षणों की जानकारी एकत्र की जाएगी।
सर्वेक्षण के दौरान चिन्हित संदिग्ध व्यक्तियों की चिकित्सकीय जांच कराई जाएगी। रोग की पुष्टि होने पर मरीजों को तत्काल निःशुल्क बहुऔषधीय उपचार (एमडीटी) उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे बीमारी को नियंत्रित करने और जटिलताओं को रोकने में मदद मिलेगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि कुष्ठ रोग पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है। इसकी समय पर पहचान और नियमित उपचार से विकलांगता जैसी गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में कुष्ठ रोग को लेकर किसी प्रकार का डर, भ्रांति या भेदभाव नहीं होना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि प्रत्येक संभावित मरीज तक समय पर उपचार पहुंचे और कोई भी व्यक्ति उपचार से वंचित न रहे।
स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि अभियान के दौरान सर्वेक्षण दल को सही और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं। यदि परिवार या आसपास किसी व्यक्ति में कुष्ठ रोग जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क कर चिकित्सकीय सलाह लें।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय