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खूंटी, 13 जून (हि.स.)। वैसे तो खूंटी जिले में गांव देहात खासकर जंगलों के निकट रहने वाले लोग पिछले 30 -40 वर्षों से जंगली हाथियों का आतंक झेलते आ रहे हैं, लेकिन उनके व्यवहार में परिवर्तन दिखने लगा है। जंगली हाथी अक्सर शाम ढलने के बाद गांवों की ओर रुख करते थे, लेकिन गजराज अब इतने निडर हो हुए हैं कि अब दिन दहाड़े गांवों में घुस रहे हैं। कुछ ऐसा ही नजारा शनिवार को सुबह देखने को मिला, जब एक जंगली हाथी कर्रा प्रखंड के इंदवन से निकल कर गांव की ओर बढ़ने लगा।
कर्रा प्रखंड के इंदवन क्षेत्र से इससे आसपास के ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया। ग्रामीणों के अनुसार आमतौर पर हाथियों की गतिविधियां रात के अंधेरे में देखने को मिलती हैं, लेकिन दिन के उजाले में जंगल से निकलकर हाथी का गांव की ओर रुख करना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया। हाथी को देखते ही ग्रामीणों ने शोर-शराबा कर उसे गांव से दूर भगाने का प्रयास शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ लोग अपने मोबाइल फोन से हाथी का वीडियो बनाने में भी जुटे रहे। हाथी के गांव की ओर बढ़ने की सूचना मिलते ही सारलो, मास्को, तिलमी और जलंगा गांव के ग्रामीण भी सतर्क हो गए और हाथी को आबादी वाले क्षेत्र से दूर खदेड़ने के प्रयास में जुट गए।
ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में हाथी के प्रवेश से पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। हर तरफ लोगों की आवाजाही और शोर-शराबा सुनाई पड़ रहा है। लोग अपने घरों से निकलकर हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं, वहीं खेतों और जंगल की ओर जाने से भी बच रहे हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी की निगरानी बढ़ाने और प्रभावित गांवों में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि किसी प्रकार की जन-धन की हानि न हो सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मिश्रा