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रांची, 13 जून (हि.स.)। न्यायमूर्ति सह कार्यपालक अध्यक्ष, झालसा सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश पर और सदस्य सचिव झालसा, कुमारी रंजना अस्थाना एवं न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में 90 दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में शनिवार को ईटकी प्रखंड क्षेत्र के मोरो ग्राम में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एलएडीसी मेम्ब्र, वरेंद्र प्रताप, पीएलवी पीएलवी शंकर साहू, अजय कुमार गोप, सोनू कुमार साहू, मासूम राजा, राकेश कुमार मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
मौके पर वीरेंद्र प्रताप ने झालसा की ओर से संचालित योजना शिशु एवं डॉन के बारे में लोगों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों की मदद करना ही शिशु योजना का उद्देश्य है। कोरोना महामारी के दौरान जिन बच्चों ने अपने माता-पिता दोनों को या घर के कमाऊ सदस्य को खो दिया था, उन्हें सहारा देना है। ऐसे संकटग्रस्त बच्चों को वित्तीय, सामाजिक और कानूनी सहायता देकर उनके मौलिक अधिकारों की रक्षा की जाती है।
साथ ही अनाथ बच्चों को माता-पिता के न रहने पर बाल श्रम, बाल तस्करी या किसी भी तरह के शोषण की दलदल में फंसने से बचाया जाता है।
वहीं पीएलवी गणेश कुमार ने अभिभावकों को अपने बच्चों को नशा से दूर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से नशामुक्त समाज बनाना ही उद्देश्य है।
इसके अलावा डालसा के कार्यरत पीएलवी ने बाल विवाह, बाल श्रम, विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन और राज्य सरकार की ओर से चलाये जा रहे लाभकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। इसके अलावा नालसा के टॉल फ्री नम्बर - 1510 के बारे में भी बताया गया।
डालसा के पीएलवी ने 12 सितंबर को आयोजित होनेवाली राष्ट्रीय लोक अदालत की भी जानकारी दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak