सूरजपुर : खरीफ सीजन के लिए खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, किसानों को नहीं होगी परेशानी
सूरजपुर, 13 जून (हि.स.)। आज शनिवार को सूरजपुर जिले में खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत किसानों के लिए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रशासन और कृषि विभाग की निगरानी में सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों में उर्वरक व बीज का
कार्यक्रम की तस्वीर।


सूरजपुर, 13 जून (हि.स.)। आज शनिवार को सूरजपुर जिले में खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत किसानों के लिए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रशासन और कृषि विभाग की निगरानी में सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों में उर्वरक व बीज का पर्याप्त भंडारण किया गया है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

प्रतापपुर विकासखंड की 9 सहकारी समितियों—प्रतापपुर, सोनगरा, कोटेया, जगन्नाथपुर, टुकुडांड, रेवटी, गोविंदपुर, दवनकरा और चंदौरा में अब तक यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और पोटाश सहित विभिन्न प्रकार के उर्वरकों की आपूर्ति की जा चुकी है। वर्तमान में भी समितियों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

विकासखंड स्तर पर यूरिया 451 मीट्रिक टन, डीएपी 541 मीट्रिक टन सहित अन्य उर्वरकों का भंडारण मौजूद है। इसके अलावा प्रतापपुर डबल लॉक केंद्र में भी 1040.15 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जिससे मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

धान बीज का वितरण भी लगातार जारी है और अब तक 303 क्विंटल बीज किसानों को उपलब्ध कराया जा चुका है। सभी समितियों में पर्याप्त बीज भंडारण है तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है।

कृषि विभाग द्वारा गुणवत्ता नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डबल लॉक केंद्र, सहकारी समितियों और निजी दुकानों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, अब तक 40 नमूनों की जांच प्रक्रिया में भेजी जा चुकी है। साथ ही निजी विक्रय केंद्रों पर नियमित निरीक्षण कर दर सूची और स्टॉक प्रदर्शन सुनिश्चित किया जा रहा है।

इसके साथ ही किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। “खेत बचाओ अभियान” के तहत किसानों को जैविक खाद, हरी खाद, नैनो उर्वरक और प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यकता अनुसार ही खाद-बीज का उपयोग करें और किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित समिति या विभाग से संपर्क करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय