Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

मुंबई, 13 जून (हि.स.)। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में फर्जी डोमिसाइल, वारिस और आय प्रमाणपत्र बनाने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर राजस्व मंत्री बावनकुले ने कड़ी कार्रवाई की है।
मुंबई जिलाधिकारी कार्यालय में कार्यरत उपजिलाधिकारी गणेश सांगले और राजस्व अधिकारी नागनाथ लोलेवार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। दरअसल अधिकारियों के डिजिटल सिग्नेचर का गलत इस्तेमाल करके आपले सरकार पोर्टल और सेतु केंद्र के जरिए एक महीने में हजारों सर्टिफिकेट जारी किए जाने का मामला सामने आया है। संदिग्ध सर्टिफिकेट की जांच के बाद राजस्व मंत्री बावनकुले ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने आपले सरकार पोर्टल पर डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग करके मुंबई में 'आपले सरकार' और 'सेतु' केंद्रों के माध्यम से विरासत, निवास, आय और जन्म प्रमाण पत्र के अवैध रूप से जारी करने के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। मुंबई जिलाधिकारी कार्यालय के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें उपजिलाधिकारी गणेश सांगले और राजस्व अधिकारी नागनाथ लोलेवार का नाम शामिल है।
इस मामले की जांच के लिए राजस्व विभाग ने विशेष टीमों का गठन किया और केवल 'एफ/दक्षिण' और 'एफ/उत्तर' प्रभागों से 1,023 प्रमाण पत्रों का निरीक्षण किया गया। इसमें, यह पता चला है कि प्रमाण पत्र आवश्यक दस्तावेजों के बिना अवैध रूप से जारी किए गए थे। इस तरह की जालसाजी को रोकने के लिए अब सभी प्रमाण पत्र बारकोड और लाभार्थियों की फोटो के साथ हाई-टेक प्रारूप में जारी किए जा रहे हैं। राजस्व विभाग संदिग्ध लेनदेन पर कड़ी नजर रख रहा है और गहन जांच चल रही है। राजस्व विभाग ने फर्जी सरकारी प्रमाण पत्र और प्रमाण पत्र को रोकने के लिए 'यह' महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार