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जगदलपुर, 13 जून (हि.स.)। बस्तर जिले में आगामी 28 जून 2026 को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के सफल संचालन के लिए प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। अभियान के सफल क्रियान्वयन एवं अंतर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर आकाश छिकारा की अध्यक्षता में “डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स” की बैठक संपन्न हुई थी।
इस बैठक में कलेक्टर द्वारा जिला स्तर के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने मैदानी अमले से बेहतर समन्वय स्थापित करें और प्रत्येक स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें ताकि अभियान में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने इस महा-अभियान की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि बस्तर जिले में इस बार राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष की आयु के कुल 120,804 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इस विशाल लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए पूरे जिले में 498 स्वीकृत बूथ बनाए गए हैं, जिनकी निगरानी के लिए 100 सुपरवाइजर तैनात रहेंगे। इसके साथ ही 1992 टीकाकरण कर्मी, 20 मोबाइल टीमें और 24 ट्रांजिट टीमें मैदान में मुस्तैद रहेंगी। अकेले जगदलपुर शहरी क्षेत्र की बात करें तो यहां कुल 72 बूथ स्थापित किए गए हैं। प्रशासन ने इस बार विशेष रणनीति अपनाई है, जिसके तहत बाजार, मेले, मड़ई, ईंट भट्ठों, भवन निर्माण स्थलों, घुमंतू बस्तियों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में मोबाइल टीमें सक्रिय रूप से तैनात रहेंगी ताकि वहां आने-जाने वाले हर एक बच्चे को पोलियो की खुराक मिलना सुनिश्चित किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने देश और राज्य में पोलियो की स्थिति को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता पर भी बल दिया है। हालांकि भारत में वर्तमान में पोलियो का कोई भी पॉजिटिव मामला नहीं है और देश में सन् 2011 से, छत्तीसगढ़ राज्य में सन् 2002 से तथा बस्तर जिले में सन् 1996 से पोलियो का कोई भी नया प्रकरण सामने नहीं आया है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। पड़ोसी देशों, विशेषकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अभी भी पोलियो के पॉजिटिव केस लगातार मिल रहे हैं, जिसके कारण हमारे देश पर भी संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। इसी उद्देश्य से पूरे भारत वर्ष में 28 जून 2026 को निर्धारित बूथों पर और इसके बाद अगले दो दिनों, यानी 29 व 30 जून 2026 को स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी ताकि पोलियो के विरुद्ध हर्ड इम्युनिटी को मजबूत किया जा सके और वातावरण में मौजूद वाइल्ड पोलियो वायरस को पूरी तरह निष्क्रिय किया जा सके।
अभियान की सफलता को लेकर बस्तर जिले के समस्त नागरिकों से प्रशासन ने एक बार फिर अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि अपने आस-पास रहने वाले 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को अभियान के पहले दिन ही बूथ पर ले जाकर शत-प्रतिशत पोलियो की दवा जरूर पिलवाएं, क्योंकि घर की तुलना में बूथ पर जाकर दवा पिलाना वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कहीं अधिक असरकारक और प्रभावी होता है। स्वास्थ्य विभाग को पूरा भरोसा है कि जनता के इस सक्रिय सहयोग और जन-भागीदारी से बस्तर जिला और पूरा छत्तीसगढ़ राज्य हमेशा की तरह पोलियो मुक्त बना रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे