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जयपुर, 13 जून (हि.स.)। जिले की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त मनीष कुमार और अमित कुमार को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास और जुर्माना से दंडित किया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष पीड़िता की गवाही, चिकित्सकीय साक्ष्यों और दस्तावेजी प्रमाणों के आधार पर आरोप साबित करने में सफल रहा है।
पीठासीन अधिकारी कैलाश चंद्र अटवासिया ने अपने आदेश में कहा कि पीड़िता ने घटना का क्रम स्पष्ट और सुसंगत तरीके से बताया। जिरह के दौरान भी उसके बयान में कोई ऐसा विरोधाभास सामने नहीं आया, जिससे उसकी विश्वसनीयता पर संदेह किया जा सके।
विशेष लोक अभियोजक कमलेश शर्मा ने अदालत को बताया की घटना को लेकर पीड़िता के पिता ने 6 नवंबर, 2022 को शाहपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया कि रात को अभियुक्त अमित उसकी बेटी से दुष्कर्म कर रहा था। जिसे मौके पर परिजनों ने पकड़ लिया था। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस को पता चला की दूसरे अभियुक्त ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया था। इस पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अदालत को बताया की घटना के कुछ माह पहले कपड़ों की दुकान के ट्रायल रूम में अभियुक्त ने उसका वीडियो बनाया था। जिसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया जा रहा था। दूसरी ओर बचाव पक्ष की ओर से कहा गया की पीड़ित पक्ष ने वसूली के लिए मामला दर्ज कराया है। पहले भी पीड़ित पक्ष ने एक पॉक्सो का मामला दर्ज कराया था। जिसमे राजीनामा कर लिया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्तों को सजा सुनाई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक